बंगाल: हाथियों के हमले रोकने बड़ी योजना

पश्चिम बंगाल के वन विभाग ने हाथियों के हमले रोकने के लिए बड़ी योजना बनाई है। विभाग की योजना के मुताबिक राज्य के पश्चिम मिदनापुर, झाडग़्राम और पुरुलिया जिलों के जंगलमहल क्षेत्र में हाथी गलियारों के पास अवरोधक स्थापित किए जाएंगे।

By: Rabindra Rai

Published: 28 Sep 2020, 08:57 PM IST

कोलकाता. पश्चिम बंगाल के वन विभाग ने हाथियों के हमले रोकने के लिए बड़ी योजना बनाई है। विभाग की योजना के मुताबिक राज्य के पश्चिम मिदनापुर, झाडग़्राम और पुरुलिया जिलों के जंगलमहल क्षेत्र में हाथी गलियारों के पास अवरोधक स्थापित किए जाएंगे। विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि राज्य के ये तीनों जिले झारखंड और ओडिशा के जंगलों से लगे हैं जहां से हाथियों के झुंड भोजन की तलाश में आते हैं। उन्होंने कहा कि हमने जंगलमहल क्षेत्र में पश्चिम बंगाल वाले हिस्से में ओडिशा और झारखंड से सटे हाथी गलियारे में अवरोधक लगाने की योजना बनाई है।
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हाथियों का उपद्रव बढ़ा
पिछले चार-पांच महीनों में जिलों के जंगलमहल क्षेत्र में हाथियों का उपद्रव बढ़ा है। क्षेत्र के सालबनी, ग्वालतोड़ और लालगढ़ की मानव बस्तियों में हाथियों के घुसने की कम से कम 12 घटनाएं हुईं हैं। वन अधिकारी ने बताया कि अवरोधक के लिए तार की बाड़ और पुरानी रेल पटरियों का उपयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी वन्यजीव को कोई हानि ना हो, इसके लिए पूरी सावधानी बरती जाएगी।
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200 से अधिक हाथी
वर्तमान में राज्य के जंगलमहल क्षेत्र में 200 से अधिक हाथी हैं। २०१२ में राज्य के तत्कालीन वन मंत्री हितेन बर्मन ने बताया था कि राज्य में पिछले दो वर्षों के भीतर 63 हाथियों की मौत हुई है जबकि 139 व्यक्ति हाथियों के हमलों का शिकार हुए हैं। जिन 63 हाथियों की मृत्यु हुई वह या तो हादसों का शिकार हुए या फिर उनकी मृत्यु स्वाभाविक कारणों से हुई। तब पूरे राज्य में हाथियों की संख्या 652 थी।

Rabindra Rai Editorial Incharge
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