WEST BENGAL ASSEMBLY ELECTION 2021---बंगाल को केंद्रीय नेताओं के हाथों में नहीं देनी चाहिए अपनी बागडोर--सेन

नोबेल विजेता अमत्र्य सेन ने मुख्यमंत्री की कल्याणकारी कार्यक्रमों को सराहा

By: Shishir Sharan Rahi

Published: 21 Apr 2021, 08:46 PM IST

BENGAL ASSEMBLY ELECTION 2021--कोलकाता। पश्चिम बंगाल को अपनी बागडोर केंद्रीय नेताओं के हाथों नहीं देनी चाहिए। पश्चिम बंगाल को अपनी बागडोर स्थानीय नेताओं के बजाए केंद्रीय नेताओं को सौंप कर राष्ट्रीय पतन का हिस्सा नहीं बनना चाहिए। क्योंकि इससे उन हाथों में सत्ता की पकड़ मजबूत होगी जिनका आर्थिक नीतियों और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में रिकॉर्ड बेहद खराब है। नोबेल विजेता डॉ. अमत्र्य सेन ने पीटीआई को दिए इंटरव्यू में यह बात कही। प्रख्यात अर्थशास्त्री प्रोफेसरसेन ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की कल्याणकारी कार्यक्रमों की सराहना की। खासतौर पर लड़कियों के लिए चलाए कार्यक्रम ग्रामीण ढांचे के विस्तार और खाद्य सुरक्षा के आश्वासन के लिए सरकार की सराहना की। लेकिन उन्होंने राज्य में भ्रष्टाचार के मुद्दे से निपटने पर भी जोर दिया। उन्होंने इस बात पर अफसोस जताया कि पहचान की राजनीति ने बंगाल के राजनीतिक परिदृश्य में अपना सिर उठा लिया है। सेन ने कहा कि अगर बंगाल में स्थानीय नेताओं के बजाए केंद्रीय नेताओं का शासन आता है तो इससे भारत में उन हाथों में सत्ता की पकड़ और मजबूत होगी, जिनकी अल्पसंख्यकों के अधिकारों की अवधारणा बेहद सीमित है। और जिनका आर्थिक नीतियों और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में रिकॉर्ड बेहद दोषपूर्ण है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बंगाल को एकता चाहिए विभाजन नहीं। राज्य की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के शुरू किए गए बाहरी-भीतरी मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यह वास्तव में बहुत खराब बात है, क्योंकि बाहरियों के लिए सहिष्णुता रखना बंगाल का इतिहास रहा है।

Shishir Sharan Rahi Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned