आतिशबाजी की तो 5 साल की जेल व 1 लाख तक का जुर्माना संभव

इस बार दिवाली और काली पूजा के दौरान आतिशबाजी करने वालों की खैर नहीं है। ऐसा करने पर दोषियों को 5 साल तक की जेल हो सकती है और 1 लाख रुपए तक जुर्माना लगाया जा सकता है।

By: Rabindra Rai

Updated: 13 Nov 2020, 10:59 PM IST

कार्रवाई: पश्चिम बंगाल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड बरतेगा सख्ती
राज्य में पटाखे जलाने और खरीद बिक्री पर लगी है पाबंदी
कोलकाता. इस बार दिवाली और काली पूजा के दौरान आतिशबाजी करने वालों की खैर नहीं है। ऐसा करने पर दोषियों को 5 साल तक की जेल हो सकती है और 1 लाख रुपए तक जुर्माना लगाया जा सकता है। कोरोना महामारी के मद्देनजर कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल में दीपावली, काली पूजा और छठ पूजा पर पटाखे जलाने और खरीद बिक्री पर पूर्ण पाबंदी लगा दी है। इसके मद्देनजर पश्चिम बंगाल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (डब्ल्यूबीपीसीबी) ने कानून के तहत दोषियों के खिलाफ सख्ती बरतने का फैसला किया है। बोर्ड राज्य पुलिस के साथ मिलकर इस वर्ष काली पूजा और दिवाली के दौरान पटाखे फोड़ते पाए गए किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा। अगर मुकदमा चलाया जाता है, तो दोषी को अधिकतम पांच साल की जेल हो सकती है और 1 लाख रुपए तक का जुर्माना लग सकता है। प्रकाश उत्सर्जक पटाखे के साथ साथ 90 डेसीबल से अधिक ध्वनि उत्पन्न करने पटाखे जलाने पर यह सजा दी जाएगी। कलकत्ता उच्च न्यायालय और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने पटाखों पर प्रतिबंध लगा दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने भी कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है। कोर्ट का मानना है कि पटाखों के फूटने से वायु प्रदूषण बढ़ेगा तथा कोरोना महामारी की स्थिति और बिगड़ सकती है। मरीजों को सांस लेने में परेशानी हो सकती है।
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ऐसे कर सकते हैं शिकायत
बोर्ड के सदस्य सचिव राजेश कुमार ने कहा कि सभी क्षेत्रीय कार्यालयों में हमारी निगरानी टीम रहेगी। बोर्ड ने कोलकाता और साथ ही जिलों में कुछ हॉट स्पॉट की पहचान की है। यहां पर टीम की विशेष नजर रहेगी। लोग टोल फ्री नंबर 18003453390 पर या बोर्ड के परिवेश ऐप के माध्यम से उल्लंघन की शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। बोर्ड के ट्विटर और फेसबुक पेज के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
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जीपीएस आधारित उपकरण से नजर
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने काली पूजा और दिवाली के दौरान आतिशबाजी पर पाबंदी का उल्लंघन करने वाले लोगों का पता लगाने के लिए थानों में जीपीएस आधारित 1000 निगरानी उपकरण लगाए हैं। बोर्ड के मुताबिक ये उपकरण कोलकाता एवं पश्चिम बंगाल पुलिस को पटाखे फोड़े जाने वाली जगह एवं ऐसा करने वालों का पता लगाने में मदद करेंगे। इस उपकरण के डिस्प्ले बोर्ड पर पटाखे फोड़े जाने की जगह, तारीख एवं समय तथा डेसीबल स्तर दिख जाएगा। पुलिसकर्मियों को इन उपकरणों को चलाना सिखाया गया है। हर क्षेत्र में डब्ल्यूबीपीसीबी की टीम स्थानीय पुलिसकर्मियों के साथ समन्वय करेगी और जरूरत पडऩे पर सहायता करेगी।

Rabindra Rai Editorial Incharge
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