बंगाल: जलपाईगुड़ी से भारी मात्रा में पेंगोलीन स्केल्स बरामद

बेलाकोवा रेंज के वन अधिकारियों ने वन्यजीवों की तस्करी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पेंगोलीन स्केल्स के साथ चार तस्करों को गिरफ्तार किया है

By: Ashutosh Kumar Singh

Published: 10 Feb 2018, 09:10 PM IST


कोलकाता

जलपाईगुड़ी जिले के बेलाकोवा रेंज के वन अधिकारियों ने वन्यजीवों की तस्करी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए भारी मात्रा में पेंगोलीन स्केल्स (चमड़े के ऊपर का शल्क) के साथ चार तस्करों को गिरफ्तार किया है। उनके नाम ओम बहादुर गुरुंग, नीमा टी. भूटिया, सरेन गुरुंग और जुम्बा भूटिया है। इनमें से ओम बहादुर नेपाल का निवासी है। बाकी तीन दार्जिलिंग के रहने वाले हैं। वन विभाग सूत्रों के अनुसार शुक्रवार की रात विशेष छापेमारी अभियान चलाकर उक्त चारों को गिफ्तार किया गया। इनके पास से लगभग 6 किलोग्राम पेंगोलीन स्केल्स बरामद किए गए है, जिसकी कीमत 5 लाख रुपए आंकी जा रही है। शनिवार सभी को अदालत मे पेश किया गया। अदालत ने पुलिस हिरासत में भेज दिया। पूछताछ की जा रही है। यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि ये लोग इतनी अधिक मात्रा में पेंगोलीन स्केल्स कहां से लाए थे और उन्हें कहां बेचने वाले थे।
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क्या है पेंगोलीन स्केल
पेंगोलीन एक संरक्षित वन्यजीव है। स्तनधारी पेंगोलीन के खाल के उपर खपडै़लनुमा कठोर शल्क होता है, जिसे स्केल कहा जाता है। एक प्रकार से से यह उनका सुरक्षा कवच होता है। जब कोई हिसंक जानवर उनपर हमला करता है, वे अपने कठोर शल्क को फैलाकर अपना बचाव करते हैं। एक पेंगोलीन में प्राय: 300 ग्राम स्केल्स निकलते हैं। अनुमान है कि जब्त स्केल्स 20 पेंगोलीन के हैं।

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Kolkata west bengal

पेंगोलीन के स्केल्स में होता है औषधीय गुण

पेंगोलीन के स्केल्स में औषधीयगुण होते हैं। इसलिए इसकी तस्करी की जाती है। दक्षिण अफ्रिका, चीन, इंडोनेशिया आदि दोशों में पेंगलीन का मांस भी खाया जाता है। मांस भक्षण, शल्क एवं चमड़े की तस्करी के लिए बड़े पैमाने पर शिकार किया जाता है। स्तनधारी यह जीव प्राय: विलुप्त होने की कगार पर पहुंच गया है। इसलिए संरक्षित जीव घोषित किया जा चुका है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेंगोलीन स्केल्स काफी महंगे दाम पर बिकते हैं।
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विदेश करने वाले थे तस्करी
वन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि तस्करों की योजना स्केल्स नेपाल ले जाने की थी। नेपाल से कहीं बाहर भेजना था। पूछताछ कर यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि ये कब से इस गोरखधंधे में सक्रिय हैं। पेंगोलीन स्केल्स के अलवा और कौन-कौन से वन्यजीवों की तस्करी करते हैं। इनके गिरोह के और कौन-कौन लोग दर्जिलिंग, जलपाईगुड़ी एवं उत्तर बंगाल के अन्य जिलों में छुपे हुए हैं।

 

Ashutosh Kumar Singh Reporting
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