भागवत कथा से मिलती है पापों से मुक्ति

- मध्य कोलकाता माहेश्वरी महिला संगठन: बोले शिवकिशन किराडू

By: VANITAI JHARKHAND

Published: 24 May 2018, 09:10 PM IST

 

कोलकाता . श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन मध्य कोलकाता माहेश्वरी महिला संगठन की ओर से पुरुषोत्तम मास के मौके पर की गई है। स्थानीय रमा भवन में कथा का उद्घाटन अरुणा मोहता, कार्यक्रम अध्य्क्ष निर्मला मुधड़ा, पुस्तक विमोचन सुशील कुमार कोठारी ने किया। प्रधान अतिथि उमेश राठी, प्रमुख वक्ता ममता बिन्नाणी, भवर राठी, श्याम बागड़ी, नन्द किशोर लड्ढा, बजरंग मूंधड़ा सहित अनेक अतिथि गण उपस्थित थे। गुरुवार सुबह कलश यात्रा निकाली गई। रमा भवन से आरम्भ करते हुए विभिन्न मार्गों से गुजरने के बाद वापस भवन पहुंची। इसके बाद कथा आरम्भ हुई। पहले गणेशपूजन व भागवत के महात्म के बारे में बताते हुए कथा वाचक शिवकिशन किराडू ने बताया कि भागवत साक्षात भगवान का रूप है। उसको सुनने मात्र से ही सारे पाप दूर हो जाते हैं। लोगों को मुक्ति मिलती है। इसके बाद उन्होंने नारद चरित्र का वर्णन किया। सुशीला बागड़ी, पुष्पा मूंधड़ा, विजयश्री मूंधड़ा, गायत्री राठी, विजय लक्ष्मी लाखोटिया, सरला बिन्नाणी, कौशल्या बंग, आशा राठी, पुष्पा बाहेती, लक्ष्मी मूंधड़ा, शारदा बागड़ी, गायत्री लोहिया, शीला राठी, सुधा भैया कार्यक्रम को सफल बनाने मे सक्रिय थे

 

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हवन, कीर्तन के साथ हुआ श्रीमद्भागवत कथा का समापन


- राज्य के सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं के सामूहिक प्रयास से आयोजित हुई कथा

हावड़ा . समर्पण एक कदम के साथ ही सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं ने पहली बार मिलकर आठ दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया था। गुरुवार को पूरे आस्था, भक्ति के साथ कथा सम्पन्न हुई। आठों दिन घुसुड़ीधाम श्याम मंदिर , हावड़ा में विशेष श्रृंगार, भण्डारा व पूजन के साथ ही भजनों की सरीता में लोग गोते लगाते रहे। गुरुवार की सुबह हवन व पूजन हुआ। उसके बाद 50 से अधिक कुंवारियों को भोजन करवाया गया। इसके बाद शाम को भजन-कीर्तन का दौर चला। भक्त गण भक्ति भाव से झूमते-नाचते गाते कार्यक्रम का आनन्द उठाया। बुधवार को कथा के दौरान सुदामा चरित्र, नवयोगेश्वर संवाद, परीक्षित मोक्ष पर आधारित कथा सुनाई गई साथ ही सुदामा और श्रीकृष्ण की अनुठी दोस्ती की झांकी प्रस्तुत की गई।

सहयोगी संस्थाओं में श्री श्याम दासी मण्डल, हावड़ा, बड़तल्ला स्ट्रीट श्री श्याम सरकार मण्डल तथा श्री श्याम मंदिर, डालिमतल्ला एवं अन्य संस्था का सहयोग रहा। कार्यक्रम को सफल बनाने में मुख्य यजमान श्यामजी, सुनील जोधानी, प्रमोद रोडा, जयदेव अग्रवाल, अमरचंद आसट तथा सह यजमान अनिल गोयनका, आशीष गनेरीवाल, दीपक सिंघानियां, सुरेन्द्र अंचल तथा संजय सिंह आदि का सहयोग रहा।

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