भागवत नाम के साथ आरम्भ हुई भागवत कथा

भागवत नाम के साथ आरम्भ हुई भागवत कथा

VANITAI JHARKHAND | Publish: May, 17 2018 09:07:02 PM (IST) Kolkata, West Bengal, India

- सामूहिक रूप से निकाली गई कलश यात्रा

- सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं के सामूहिक सहयोग से आरम्भ हुआ श्रीमद भागवत कथा

कोलकाता . समर्पण, एक कदम समाज सेवा की ओर से गोलाघाटा रोड की ओर से श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन गुरुवार से आरम्भ हुआ। पुरुषोत्तम (अधिक) मास के पुण्य अवसर पर आठ दिवसीय कथा आरम्भ हुई है। पहले दिन भक्तों ने पूरी आस्था के साथ कलश यात्रा निकाली। यात्रा में लोगों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। कलश यात्रा घुसुड़ीधाम श्याम मंदिर , हावड़ा से निकली और विभिन्न मार्गों से होते हुए कथा स्थल पर पहुंची। वृंन्दावन से आए कथा व्यास यशोदानन्द महाराज ने भागवत कथा के महात्म से आरम्भ करते हुए पुरुषोत्तम मास के बारे मे विस्तार से बताया। कथा के महात्म के साथ ही भक्तीमय भजनों की सरीता का भी लोगों ने लाभ उठाया। इस मौके पर संस्था के प्रतिनिधि सुनील जोधानी ने बताया कि यह प्रयास सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं के सम्मिलित प्रयास से किया गया है। हर रोज शाम 4 बजे से कथा आरम्भ होगी। सहयोगी संस्थाएं श्री श्याम दासी मण्डल, हावड़ा, बडक़ल्ला स्ट्रीट श्री श्याम सरकार मण्डल तथा श्री श्याम मंदिर डालिमतल्ला एवं अन्य संस्थाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। मालूम हो कि आठ दिनों तक चलने वाली कथा के दौरान बरसाने की फूलों की होली, रविवार को कृष्ण अवतार, छप्पन भोग व रुक्मिणी विवाह का भव्य आयोजन है। रविवार को सौरभ शर्मा व अनिल लाटा के भजन-कीर्तन होंगे।

आत्मा की जरूरत है परमात्मा : डॉ. योगेश महाराज
कोलकाता . माहेश्वरी महिला संगठन की ओर से आयोजित शिव पुराण यज्ञ के दूसरे दिन 10 बजे से आचार्य गोपालदास किराडू ने ग्रह पूजन एवं 12 ज्योतिपीठ की पूजा कराई। गुरुवार को ज्योतिपीठ, अभिषेक एवं महामृत्युजंय जाप लगातार 5 बजे तक चलता रहा। मुख्य यजमान गायत्री जाजू, हरिप्रसाद जाजू एवं यजमान अनिता लाखोटिया, पूनम सारडा, श्रीसीताराम पेड़ीवाल, ममता काबरा, राज झंवर, सुधा मूंधड़ा, श्रीचांदरतन सरोज राठी, शशि नागौरी व कमला सोनी। मौके पर अतिथि के रूप में मनमोहन मल्ल एवं निर्मला मल्ल उपस्थित थे। उनके अतिरिक्त सुप्रिया सिंह, कमला लाहोटी, राज झंवर की उपस्थिति उत्साहवर्धक रही।

गुरुवार को कथा सुनाते हुए डॉ. योगेश महाराज की ओर से शिवपुराण यज्ञ कथा विद्येश्वर संहिता, रुद्र संहिता, श्रीसूत शौनक संवाद, शिव पूजा रहस्य, पार्थिव ***** महिमा, जप भस्म-त्रिपुण्ड रुदाक्षा, सृष्टि वर्णन किया गया। उन्होंने कहा कि काम, क्रोध, मद लोभ, मोह, ईष्र्या यह सब मानसिक दुखों का कारण है। भौतिकता में अधिकाधिक फंसना आदिभौतिक दुखों का कारण है। आत्मा की जरूरत है परमात्मा। तब तक हमें अशांति रहती है जब तक परमात्मा की प्राप्ति नहीं हो जाती। आत्मा की भूख परमात्मा ही मिटा सकते हैं। कार्यक्रम को सफल बनाने में सुषमा राठी, आशा चांडक, राधा माहेश्वरी, वंदना मालपानी, सुमन मूंधड़ा, मंजू मूंदड़ा शकुंतला सोनी, अनिल लाखोटिया का विशेष सहयोग रहा।

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