भाटपाड़ा नगर पालिका में चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव खारिज

- हाईकोर्ट के फैसले से पार्टी को बड़ा झटका

By: Renu Singh

Updated: 03 Jan 2020, 04:12 PM IST

कोलकाता

भाटपाड़ा नगरपालिका के चेयरमैन सौरभ सिंह के खिलाफ गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस की ओर से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को कलकत्ता हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट के इस फैसले से तृणमूल कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। हालांकि राज्य के मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक ने बताया कि एकल पीठ के इस फैसले को शुक्रवार को खंडपीठ में चुनौती दी जाएगा।

क्या हुआ दिनभर

भाटपाड़ा नगर पालिका के तृणमूल कांग्रेस पार्षदों ने चेयरमैन सौरभ सिंह के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए गुरुवार को बैठक बुलाई थी। इस सिलसिले में अधिसूचना भी जारी की गई थी। गुरुवार की सुबह 10.30 बजे बैठक आयोजित की गई। जिसमें भाजपा का कोई प्रतिनिधि नहीं था। बैठक में चेयरमैन के खिलाफ 19-0 मत से अविश्वास प्रस्ताव पारित करा कर उन्हें पद से हटा दिया गया। भाजपा ने इस पूरी प्रक्रिया को असंवैधानिक बताते कलकत्ता हाईकोर्ट की शरण ली। सुनवाई के बाद एकल पीठ के न्यायाधीश अरिन्दम सिन्हा ने चेयरमैन के खिलाफ तृणमूल पार्षदों की ओर से लाए गये अविश्वास प्रस्ताव को खारिज कर दिया। बैठक के लिए जारी अधिसूचना भी खारिज कर दी गई। न्यायाधीश अरिन्दम सिन्हा ने कहा है कि अविश्वास प्रस्ताव लाने संबंधी पूरी प्रक्रिया नगर पालिका कानून के तहत ही करनी होगी।

6 दिसम्बर को दिया था अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस

तृणमूल पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए 6 दिसंबर को नोटिस दिया था। तृणमूल पार्षदों के मुताबिक नगर पालिका कानून के तहत चेयरमैन को नोटिस के 15 दिनों के भीतर बैठक बुलानी चाहिए थी। मगर उन्होंने ऐसा नहीं किया। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि चेयरमैन ने 20 दिसंबर को फैसला किया था कि वे बैठक बुलाएंगे। पहले यह बैठक 16 जनवरी को होनी थी। बाद में उसे 20 जनवरी कर दिया गया। इसलिए तृणमूल की यह दलील ठीक नहीं है कि चेयरमैन ने 15 दिनों में बैठक से संबंधित फैसला नहीं लिया। सांसद अर्जुन सिंह ने कहा कि तृणमूल असंवैधानिक ढंग से पालिका के बोर्ड पर कब्जा करना चाह रही है। अदालत ने उस प्रयास पर पानी फेर दिया है। मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक ने कहा कि नगर पालिका कानून का पालन करते हुए ही अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। अदालत के फैसले का पार्टी सम्मान करती है। एकल पीठ के फैसले को शुक्रवार को खंडपीठ में चुनौती दी जाएगी।

पहले भाजपा में गए फिर की तृणमूल में घर वापसी

बैरकपुर लोकसभा सीट से अर्जुन सिंह के जीतने के बाद भाटपाड़ा पालिका में उलटफेर हुआ था। तृणमूल के अधिकांश पार्षद भाजपा में शामिल हो गये थे। बाद में उनमें से कई वापस तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए। तृणमूल भाटपाड़ा पालिका का बोर्ड भाजपा से छीनने के प्रयास में है।

Renu Singh Reporting
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