अहिंसा मैत्री व करुणा का संदेश देने वाले आचार्य को दी भावांजलि

अहिंसा मैत्री व करुणा का संदेश देने वाले आचार्य को दी भावांजलि

अहिंसा मैत्री व करुणा का संदेश देने वाले आचार्य को दी भावांजलि

- जन्म शताब्दी वर्ष पर आयोजित हुआ एक शाम-महाप्रज्ञ के नाम का आयोजन

हावड़ा
जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के दसवें अनुशास्ता युगप्रधान आचार्य महाप्रज्ञ के जन्म शताब्दी वर्ष का कोलकाता महानगर स्तरीय कार्यक्रम हावड़ा के शरत सदन में शनिवार की शाम को आयोजित हुआ। गुरुदेव को भावांजलि समर्पित करते हुए तेरापंथी महासभा के अध्यक्ष सुरेश गोयल ने उनके अवदानों की चर्चा की और बताया कि आचार्य ने अहिंसा यात्रा का प्रवर्तन कर पूरे देश में अहिंसा, मैत्री व करुणा का संदेश दिया।

समारोह के मुख्य अतिथि महासभा के पूर्व अध्यक्ष कमल कुमार दूगड़ ने आचार्य महाप्रज्ञ समाधि स्थल ‘अध्यात्म के शांतिपीठ (सरदारशहर) के निर्माण व लोकार्पण से जुड़े अपने संस्मरणों की व्याख्या की और बताया कि ‘अणुव्रत, प्रेक्षाध्यान, जीवनविज्ञान, आगम मंथन, समण श्रेणी समेत अनेक आयामों के साथ गुरुदेव महाप्रज्ञ का नाम जुड़ा हुआ है। आवश्यकता है हम उनके बताए मार्ग पर चलते हुए अपना आध्यात्मिक विकास करते रहें।

श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा, कोलकाता के सभाध्यक्ष बुधमल लुनियां ने आचार्य महाप्रज्ञजी की प्रवचन कला, आचार्य कला, काव्य कला का स्मरण कराया। स्वागत में विचार प्रस्तुत किए।
राजस्थान के कस्बे टमकोर में 14 जून 1920 को मध्यमवर्गीय संस्कारी चोरडिय़ा परिवार में जन्में दिव्य शिशु ने 10 वर्ष की बाल्यावस्था में अपनी माता बालूजी के साथ जैन भागवती दीक्षा ली व गुरुदेव तुलसी के संरक्षण में शिक्षा प्राप्त कर हिन्दी, संस्कृत, प्राकृत भाषा में लगभग 300 ग्रंथों-पुस्तकों का लेखन-संपादन किया। पूरे भारत में लगभग 1 लाख किलोमीटर से ज्यादा पाद विहार किया।

ऐसे युगप्रधान आचार्य के गुणोंकीर्तन की शाम का आयोजन श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा-कोलकाता, तेरापंथ युवक परिषद (पूर्वांचल, उत्तर हावड़ा व साउथ कोलकाता) ने संयुक्त रूप से किया था। दर्शकों से खचाखच भरे सभागार में स्वर कोकिला मीनाक्षी भूतोडिय़ा (मुम्बई), राकेश चिंडालिया, ललित श्यामसुखा (दिल्ली) ने उनकी सुन्दर भक्तिमय प्रस्तुतियों से वातावरण को महाप्रज्ञमय बना दिया। शरत सदन का भव्य हाल समाज के लोगों से पूरा भरा हुआ था। सभी अपने गुरु के प्रति श्रद्धा समर्पित भजनों से कर रहे थे।
इस आयोजन में भंवरलाल बैद (मुख्य न्यासी-जैन श्वेताम्बर तेरापंथी महासभा), सुशीला देवी पुगलिया (न्यासी-जैन श्वेताम्बर तेरापंथी महासभा), तुलसी दूगड़ (प्रबन्ध न्यासी-जय तुलसी फाउण्डेशन), श्री सुशील कुमार जैन (चोरडिय़ा) (महामंत्री-अखिल भारतीय तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम), अनंत बागरेचा (सहमंत्री-अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद), सुरेन्द्र दूगड़(अध्यक्ष-आचार्य महाप्रज्ञ महाश्रमण एजुकेशन एण्ड रिसर्च फाउण्डेशन), जतनलाल पारख (अध्यक्ष-उत्तर हावडा सभा), सुशील गिडिय़ा (अध्यक्ष-साउथ हावड़ा सभा), विजजयसिंह चोरडिय़ा (अध्यक्ष-साउथ कोलकाता सभा), माणक डागा (अध्यक्ष-टॉलीगंज सभा), संजय सिंगी (अध्यक्ष-पूर्वांचल सभा), विजयसिंह डागा (अध्यक्ष-सॉल्टलेक सभा), ‘नारीरत्न श्रीमती तारा देवी सुराणा, श्रीमती मधु दूगड़ (न्यासी-अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल), श्रीमती सूरज देवी बरडिय़ा (पूर्व अध्यक्षा-अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल) आदि प्रमुख व्यक्तियों की गरिमामय उपस्थिति रही। आयोजन समिति के सदस्यों तेजकरण बोथरा, नरेन्द्र बरडिय़ा व सुरेन्द्र नाहटा ने अच्छा प्रयास कर आयोजन को सल\ता प्रदान की।

कार्यक्रम को सफल बनाने में अजय भंसाली (मंत्री-कोलकाता सभा), नोरतमल बरमेचा (उपाध्यक्ष-कोलकाता सभा),प्रदीप दूगड़ (सहमंत्री-कोलकाता सभा), रणजीत बोथरा, सुशील गंग, बिनोद कोठारी, बिमल सेठिया, चैनरूप बोथरा एवं तेयुप के सभी पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं का सहयोग रहा।
दोनों संयोजक विमल बैद व डॉ. अरिहंत सिंगी ने कार्यक्रम को समायोजित किया। दोनों का परिचय सभा मंत्री अजय भंसाली ने करवाया।

आभार व्यक्त अरविन्द डागा (अध्यक्ष-तेयुप साउथ कोलकाता) ने किया। सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। मंच का सफल संचालन विमल बैद ने किया।

Nirmal Mishra Reporting
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