भाजपाई नहीं करते महिलाओं का सम्मान - चंद्रिमा भट्टाचार्य

राज्यमंत्री ने कहा, वैवाहिक संबंध विच्छेद करना नहीं हो सकता दल बदलने की सजा

By: Rajendra Vyas

Published: 24 Dec 2020, 12:02 AM IST

हुगली. विधानसभा चुनाव से पहले ही दल बदल और जुबानी जंग का सिलसिला शुरू हो गया। कहीं टीएमसी भाजपा पर तो कहीं भाजपा टीएमसी पर हमलावर होते जा रहे हैं। हाल ही में राज्य मंत्री पद से इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थामने वाले शुभेन्दु अधिकारी के बाद से ही छोटे बड़े स्तर के नेता दल बदल की कवायद में लगे हैं। सोमवार को भाजपा सांसद सौमित्र खां की पत्नी सुजाता मंडल खां टीएमसी में शामिल हो गई और उन्होंने यह भी कह डाला कि सौमित्र को भगवान सद्बुद्धि दे। मंगलवार को राज्य मंत्री चंद्रिमा भटाचार्य ने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि दल बदलना कोई अपराध तो नहीं। दल बदलने से वैवाहिक संबंध खत्म करने का कोई कानूनी प्रावधान नहीं है। उन्होंने कहा कि दल बदलते ही सुजाता को सौमित्र खां ने वैवाहिक संबंध विच्छेद करने का नोटिस भेज दिया। इससे यह पता चलता है कि भाजपा की संस्कृति क्या है। भाजपा में महिलाओं का सम्मान करने की यही परंपरा है। क्या पत्नी अपनी इच्छा से अन्य राजनीतिक दल में शामिल नहीं हो सकती। भारत में ऐसा कोई संविधान नहीं। सभी को महिलाओं का सम्मान करना चाहिए। वह कोई भी पार्टी में शामिल हो। मंत्री चंद्रिमा ने कहा कि वह अपनी शादी में बसु शीर्षक का उपयोग नहीं करती। उनकी शादी बसु परिवार में हुई लेकिन वह आज भी भट्टाचार्य का उपयोग करती है। इसमे उनके ससुराल में कोई एतराज नहीं। कहा कि वह अपने पति, सास के घर पर रहती है। भारतीय लोकतंत्र और संविधान के अनुसार एक परिवार के कई संदस्य किसी भी पार्टी से जुड़ सकते हैं। जो लोग ऐसा सोचते हैं वे राजनीतिक प्रभाव और बैंक में धन को बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।

Rajendra Vyas
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned