चुनावी लाभ के लिए भाजपा नेता ले रहे रामकृष्ण और स्वामी विवेकानंद के नाम का सहारा : ब्रात्य बसु

-भाजपा का इन महापुरुषों के बारे में बात करना विडंबनापूर्ण

By: Rajendra Vyas

Updated: 12 Jan 2021, 05:58 PM IST

कोलकाता. तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पश्चिम बंगाल के मंत्री ब्रत्य बसु ने भाजपा नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए रामकृष्ण और स्वामी विवेकानंद जैसे बंगाल के आइकन के नाम का सहारा लेने की भाजपा की कोशिश "विडंबनापूर्ण" है, क्योंकि इन महापुरुषों के आदर्श भगवा पार्टी के विजन और उद्देश्यों से मेल नहीं खाते हैं। स्वामी विवेकानंद के जन्मदिन की पूर्व संध्या पर स्वामी विवेकानंद को याद करते हुए ब्रत्य बसु ने कहा कि रामकृष्ण ने एक बार कहा था कि "जातो चटाई, ततो पथ", जिसका अर्थ है कि कई विचारों से कई रास्ते खुलते हैं अर्थात बहुलवाद।
भाजपा का उनके बारे में बात करना विडंबनापूर्ण है क्योंकि पार्टी रामकृष्ण के सोचने के तरीके पर विश्वास नहीं करती है। यहां तक कि स्वामी विवेकानंद ने भी कहा था कि 'जो लोग मानवता से प्यार करते हैं वे भगवान की सेवा करते हैं।
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इन प्रमुख व्यक्तित्वों को उनके आवासों को बहाल करके और कई मौकों पर उन्हें सम्मानित करने की व्यवस्था की है। हालांकि मुख्यमंत्री को ऑक्सफोर्ड यूनियन और शिकागो में भाषण देने से रोक दिया गया था। किन कारणों से ऐसा किया गया यह हमें ज्ञात नहीं है। ऑक्सफोर्ड यूनियन ने दिसंबर 2020 में अप्रत्याशित परिस्थितियों का हवाला देते हुए बनर्जी के ग्यारहवें घंटे के वर्चुअल सम्बोधन को स्थगित कर दिया था। वर्ष 2018 में भी स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर शिकागो में ममता का निर्धारित कार्यक्रम भी रद्द कर दिया गया था।

Rajendra Vyas
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned