जरी शिल्पकारों ने मदद के लिए कर रहे है आवेदन

- एक सप्ताह में दस हजार आवेदन जमा, प्रशासन चिन्तित

By: Vanita Jharkhandi

Published: 30 Aug 2020, 09:09 PM IST



हावड़ा
हावड़ा के पांचला ब्लॉक कार्यालय में जरी शिल्पकारों के आवेदनों से ड्राफ बॉक्स भर जा रहे है। एक सप्ताह में दस हजार आवेदन के जमा होने से प्रशासन चिन्तित है। उनकी समझ में नहीं आ रहा है कि आखिर हो क्या रहा है। लोग रोज-रोज इतने बड़ी संख्या में आवेदन क्यों कर रहे है जबकि सरकारी तौर पर किसी अनुदान या राहत की घोषणा नहीं की है। प्रशासन को लग रहा है कि किसी के बहकावें या फिर अफवाह के कारण यह हो रहा है। सूत्रों के अनुसार
ब्लॉक कार्यालय में आवेदन जमा करने के लिए एक ड्रॉप बॉक्स रखा गया था। आवेदनों की भीड़ को देखते हुए चार ड्रॉप बॉक्स ’रखे गए हैं। जो हर दिन भर जा रहा है। पिछले एक हफ्ते में, लगभग 10,000 आवेदन के आने से ब्लॉक प्रशासन के अधिकारियों को चिन्तित है।
पंचला में नब्बे प्रतिशत लोग जरी का काम करते है। इनमें से अधिकांश ही मुम्बई व दिल्ली में काम करते थे पर लॉक डाउन के कारण वे घर लौट आए थे। बेरोजगारी को देखते हुए कुछ लोग वापस काम पर लौट गए है पर अधिकांश जरी कारीगर यही रह गए है पर उनके पास कोई रोजगार नहीं है।
आवेदन करने वालों का कहना है कि उन्हें इस बात का पता है कि सरकार ने किसी भी परियोजना की घोषणा नहीं की है। पर घर में जो स्थिति है वैसे में हम कुछ काम चाहते है नहीं तो काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। इसलिए असहायता से बीडीओ को आवेदन दिया है। ऑल इंडिया जरीशिल्पी कल्याण समिति के सचिव मुजीबुर रहमान मल्लिक ने कहा, “जरी शिल्पी को बचाने के लिए सरकार को सोचना होगा कि कैसे उनकी मदद की जा सकती है।
ब्लॉक प्रशासन के अनुसार, कुछ दिन पहले, दो जरी कारीगर मदद के लिए आवेदन किया था। ब्लॉक प्रशासन ने उनमें से पांच किलोग्राम गेहूं को 'विशेष राहत' के रूप में दिया। तब से लोगों का हूजूम आवेदन को लेकर जमा करने पहुंच रहे है। पंचला पंचायत समिति के उपाध्यक्ष शेख जलील ने दावा किया, कि 100-दिवसीय परियोजना में बहुत सारे जरी कारीगरों को काम दिया गया है। सभी को राशन दिया जा रहा है। सरकार उनकी तरफ से पूरी कोशिश कर रही है। कोई भी ब्लॉक कार्यालय में मदद के लिए आवेदन कर सकता है। कुछ लोगों की स्थिति को देखते हुए विशेष राहत दी जाती है। लेकिन इतने बड़ी संख्या में लोग आवेदन जमा कर रहे है उसको सम्भालना मुश्किल है।

Vanita Jharkhandi Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned