अपने टिफिन के पैसे बचाकर विद्यार्थियों ने आम्फान पीड़ितों को पहुंचाई राहत

-विद्यार्थियों ने आम्फान तूफान से तबाही के बाद पीड़ितों को राहत पहुंचाने के लिए अपने टिफिन के पैसों को जमा किया। उन तक खाद्य सामग्री और कपड़े आदि भी बांटे। आम्फान तूफान के बाद एक महीने के बाद भी तबाही का मंजर दिख रहा है।

By: Vanita Jharkhandi

Published: 24 Jun 2020, 01:37 PM IST

उलूबेरिया
विद्यार्थियों ने आम्फान तूफान से तबाही के बाद पीड़ितों को राहत पहुंचाने के लिए अपने टिफिन के पैसों को जमा किया। उन तक खाद्य सामग्री और कपड़े आदि भी बांटे। आम्फान तूफान के बाद एक महीने के बाद भी तबाही का मंजर दिख रहा है। अब भी कई लोग बड़ी मुसीबत में है। ऐसे में कोलकाता के छात्र शामपुर, हावड़ा के कुछ ऐसे पीड़ितों के पास आ खड़े हुए है। उन विद्यार्थियों ने अपने टिफिन के पैसे बचा कर उनके लिए खाने का सामान और कपड़े बांटे है। ऐसा कर पाकर वे भी खुश है। छठी कक्षा की छात्रा स्नेहा सेनापति के पिता नहीं है मां एक निजी कंपनी में काम करती हैं लेकिन स्नेहा इस संकट में लोगों के पास खुद को खड़ा पाकर खुश है। उसने बताया कि उसको टिफिन के लिए जो पैसे मिलते थे उसे बचाकर राहत कोष में जमा करवाए है। इसी तरह, कॉलेज के छात्र रोहन ने ट्यूशन आय से पैसे जमा कर असहाय लोगों के लिए मदद करने आगे आए है। प्रीतम प्रमाणिक बारहवीं कक्षा के छात्र, सौमजीत चटर्जी, देबलीना सिन्हा, स्वर्ण भट्टाचार्य, छठी कक्षा के छात्र और कई अन्य लोगों ने राहत के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की है। वे ऐसा कर पाए इसके लिए शुरुआत कोलकाता के बेहाला में गृह शिक्षक की प्रेरणा रही है। शिक्षिका शर्मिला बंद्योपाध्याय ने कहा कि हर छात्र ने जितना संभव हो सके उतनी मदद की। कुछ पैसों से, कुछ कपड़ों से। मैं सहयोग का हाथ बढ़ाने के लिए सभी के प्रति आभार व्यक्त करती हूं। मदर टेरेसा वेलफेयर सोसाइटी नामक एक संगठन है जिसके सम्पर्क में आने के बा इस राहत वितरण का आयोजन किया। संस्था के प्रमुख और श्यामपुर पंचायत समिति के प्रमुख झरना प्रमाणिक ने इस पहल का स्वागत किया।

Vanita Jharkhandi Reporting
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