Calcutta High Court: हाईकोर्ट ने राज्य से मांगाी लॉकडाउन में बाल अधिकार हनन संबंधित रिपोर्ट

गत 19 जून को राष्ट्रीय समाचार पत्र में प्रकाशित रिपोर्ट के बाद खुद से संज्ञान लेते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट ने 20 जून को राज्य सरकार से राज्य में बच्चों के खिलाफ हुए हिंसा और उनके अधिकारों के हनन के बारे में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। राज्य के महिला और बाल कल्याण विभाग और सामाजिक विकास विभाग ने तुरन्त बाद कलकत्ता उच्च न्यायालय को एक रिपोर्ट सौंप दिया है।

By: Manoj Singh

Published: 22 Jun 2020, 09:30 AM IST

दूसरे दिन ही राज्य सरकार ने हाई कोर्ट के निर्देश का पालन
कोलकाता
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने शनिवार को लॉकडाउन के दौरान पश्चिम बंगाल सरकार से राज्य में बाल अधिकारों का हनन होने के बारे में रिपोर्ट मांगी है। गत 19 जून को राष्ट्रीय समाचार पत्र में प्रकाशित रिपोर्ट के बाद खुद से संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने 20 जून को राज्य सरकार से राज्य में बच्चों के खिलाफ हुए हिंसा और उनके अधिकारों के हनन के बारे में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।

शनिवार को जारी अपने निर्देश में उच्च न्यायालय ने कहा कि उन्हें अखिल भारतीय मीडिया रिपोर्ट से पता चला है कि राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने लॉकडाउन के दौरान महिलाओं पर घरेलू हिंसा और बच्चों के यौन उत्पीड़न और उनके अन्य अधिकारों का हनन होने की बात स्वीकार की है। इस मामले को महाधिवक्ता देखे और राज्य सरकार 25 जून तक इससे संबंधित एक रिपोर्ट प्रेश करे।
महिला और बाल कल्याण विभाग पेश की रिपोर्ट
हाईकोर्ट के निर्देश देने के तुरन्त बाद राज्य के महिला और बाल कल्याण विभाग और सामाजिक विकास विभाग ने कलकत्ता उच्च न्यायालय को एक रिपोर्ट सौंप दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि नियमित आधार पर अनुवर्ती कार्रवाई करने के लिए एक तंत्र स्थापित किया गया है। रिपोर्ट में बचाए गए बच्चों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य, प्रभावित परिवारों की आर्थिक स्थिति, खाद्य सुरक्षा और कोविद -19 के खिलाफ सावधानियों सहित कई मुद्दों पर सामान्य जानकारी का उल्लेख है। सरकारी विभाग का दावा है कि वे फोन के माध्यम से प्रभावित बच्चों के लगातार संपर्क में हैं। सप्ताह में कम से कम एक बार जिला और राज्य के अधिकारी हिंसा से मुक्त बच्चों की दुर्दशा की जांच करते हैं। आयोग ने यह भी दावा किया कि इस प्रक्रिया को धीरे-धीरे सुधारने के प्रयास किए जा रहे हैं।

Manoj Singh Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned