West Bengal : राज्य सचिवालय में रात भर ममता बनर्जी ऐसे जागती रही, जाने

Chief minister Mamta Banerjee ने शाम को अपने घर नहीं गई। वे West Bengal State Secretariat में ही ठहर गई और whole night जाग कर गुजारी। उनके साथ राज्य के कुछ top executives भी राज्य सचिवालय में रात भर जागते रहे।

पीएम मोदी और अमित शाह ने फोन पर मुख्यमंत्री से जाना हाल
कोलकाता
राज्य सचिवालय नवान्न में शनिवार को दिन भर काम करने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शाम को अपने घर नहीं गई। वे राज्य सचिवालय में ही ठहर गई और सारी रात जाग कर गुजारी। उनके साथ राज्य के कुछ आला अधिकारी भी राज्य सचिवालय में रात भर जागते रहे।
इससे पहले बंगाल की खाड़ी से उठ कर बुलबुल चक्रवात के तेज गति से पश्चिम बंगाल में प्रवेश करने की पूर्व सूचना के मद्देनजर मुख्यमंत्री ने उन इलाकों में सर्तकता जारी कर दी थी, जहां-जहां मौसम विभाग ने चक्रवात के तबाही मचाने की आशंका जाहिर की थी। उन इलाकों मेंं जान और माल की हानि रोकने के लिए लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने की व्यवस्था करवाई।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के अधिकारियों ने बताया कि दिन भर बुलबुल चक्रवात से उत्पन्न स्थिति के बारे में जानकारी लेने के बाद रात को भी नवान्न में रहीं। इस दौरान वे उक्त चक्रवात से होने वाली तबाही पर नजर रखने और पीडि़त लोगों की मदद के लिए नवान्न में खोले गए कंट्रोल रुप में जा कर खुद ममता बनर्जी प्रभावित इलाकों की पल-पल की खबर लेती रहीं। सुबह होने के बाद वे अपने घर गई।
सोमवार को करेंगी हवाई मुआयना
बुलबुल की तबाही को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने रविवार के अपने सारे पूर्वनिर्धारित कार्यक्रम रद्द कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आगामी सोमवार को प्रभावित इलाकों का हवाई मुआयना कर स्थिति की जायजा लेंगी। दूसरी ओर प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह ने अलग-अलग फोन पर मुख्यमंत्री बातचीत की और बुलबुल चक्रवात से हुए तबाही की जानकारी ली।

पीएम मोदी ने दिलाया मदद का भरोसा
पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा कि बंगाल सहित पूर्वी राज्यों में बुलबुल चक्रवात से हुई तबाही की समीक्षा की गई। उन्होंने मुख्यमंत्री से स्थिति के बारे में बातचित की, केन्द्र की ओर से हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया और सभी लोगों की सुरक्षा की कामना की।
अमित शाह ने इस दिन ट्वीट कर बताया कि वे भी फोन पर ममता बनर्जी से बात कर स्थिति का जानकारी ली और पूर्वी भारत की स्थिति पर केन्द्र पैनी नजर रखने साथ केन्द्रीय और राज्य राहत कार्य चलाने वाली एजेंसियों के संपर्क में हैं। शाह के अनुसार बंगाल में एनडीआरएफ की 10 और ओडिशा में छट टीम तैनात की गई की है और एनडीआरएफ की अतिरिक्त 18 टीम को तैयार रखा गया है।

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Manoj Singh
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