ईंधन मूल्य स्थिरीकरण कोष बनाए केन्द्र: मित्रा

बंगाल चैंबर की वार्षिक आम सभा

जब कच्चे तेल की कीमतें कम थी तो उस समय ईंधन मूल्य स्थिरीकरण कोष बनाया जाना चाहिए था, जो नहीं किया जा सका। केन्द्र सरकार को ईंधन आरक्षित भंडार को भी मजबूत करना चाहिए। यह काम उस समय होना चाहिए था जब कच्चे तेल का दाम 33 डालर प्रति बैरल पर था।

 

कोलकाता

पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री अमित मित्रा ने बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार को पेट्रोल और डीजल की आसमान छूती कीमतों पर काबू पाने के लिए ईंधन मूल्य स्थिरीकरण कोष बनाना चाहिए। मित्रा ने बंगाल चैंबर की वार्षिक आम सभा में कहा कि विभिन्न हलकों में देश की अर्थव्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता जतायी जा रही है। इन्द्रजीत सेन को चेम्बर का नया अध्यक्ष चुना गया था। इससे पहले चन्द्रशेखर घोष चेम्बर के अध्यक्ष थे।

वित्त मंत्री ने कहा कि ईंधन के दाम हर रोज बढ़ रहे हैं, रुपया कमजोर हो रहा है। इसका असर चालू खाता घाटा पर पड़ रहा है, जो खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। मित्रा ने कहा कि जब कच्चे तेल की कीमतें कम थी तो उस समय ईंधन मूल्य स्थिरीकरण कोष बनाया जाना चाहिए था, जो नहीं किया जा सका। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार को ईंधन आरक्षित भंडार को भी मजबूत करना चाहिए। यह काम उस समय होना चाहिए था जब कच्चे तेल का दाम 33 डालर प्रति बैरल पर था। मित्रा का यह वक्तव्य ऐसे दिन आया जब पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में पेट्रोल, डीजल के दाम एक रुपए कम करने की घोषणा की। उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में डीजल एवं पेट्रोल की कीमत एक एक रुपए कम करने की घोषणा की थी। इससे पहले सी. एस. घोष ने बंगाल चेम्बर अॉफ कॉमर्स की उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी। नए अध्यक्ष ने पद की जिम्मेदारी बखूबी निभाने का प्रयास करने का अाश्वासन िदया।

Ashutosh Kumar Singh
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