जूट के बोरे के लिए इसलिए चिंतित है केंद्र सरकार

चुनाव वाले इस सीजन में अनाज की बम्पर खेती के मद्देनजर जूट के बोरे में अनाज की पैकिंग सरकार के लिए चिंता का कारण बना हुआ है।

By: Prabhat Kumar Gupta

Updated: 10 Apr 2019, 05:46 PM IST


- खाद्यान्नों की पैकिंग में कम पड़ते जूट के बोरे

- बिहार और त्रिपुरा ने मांगे करीब 11 हजार बेल अतिरिक्त बोरे

कोलकाता.

खरीफ के मौसम में देश के विभिन्न राज्यों में खाद्यान्नों की सरकारी स्तर पर खरीदारी शुरू होने में महज एक पखवाड़ा शेष बचे हैं। चुनाव वाले इस सीजन में अनाज की बम्पर खेती के मद्देनजर जूट के बोरे में अनाज की पैकिंग सरकार के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। केंद्रीय उपभोक्ता, खाद्य एवं जनवितरण मंत्रालय ने खरीफ सीजन 2018-19 में जूट के बोरे की भारी कमी महसूस करते हुए जूट आयुक्त सहित बिहार और त्रिपुरा के विभागीय प्रधान सचिवों को इस बारे में सतर्क किया है। यही नहीं मंत्रालय ने संबंधित हिस्सेदारों को आवश्यक कदम उठाने को कहा है। उल्लेखनीय है कि भारतीय खाद्य निगम, पंजाब, गुजरात, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, झारखण्ड, उत्तराखण्ड और ओडिशा खाद्यान्नों की पैकिंग के लिए जूट के बोरे की खरीदारी करती है। मंत्रालय के हवाले से सूत्रों ने बताया कि खरीफ और रबी सीजन के लिए 14,91,376 बेल बोरे का ऑर्डर मिलों को दिया गया। इनमें से 10,44,887 बेल बोरे की सप्लाई होना बताया जा रहा है। सीजन के लिए लागत बोरे में 3,41,225 बोरे की सप्लाई होना है। इनमें से केवल अप्रेल के लिए 1,10,000 बेल का ऑर्डर है। इनमें उत्तर प्रदेश का 80,000, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और ओडिशा का दस-दस हजार बेल शामिल है। सूत्रों ने बताया कि मंत्रालय ने राज्य सरकारों एवं भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) को बोरे से संबंधित मांग पत्र (राशि सहित) यथाशीघ्र भेजने का निर्देश दिया है। बिहार सरकार ने खरीफ सीजन 2018-19 के लिए 10,400 बेल जूट के बोरे का अतिरिक्त आवंटन करने का अनुरोध किया है। जिसे 30 अप्रेल 2019 तक आपूर्ति करना है। जबकि त्रिपुरा सरकार व मंत्रालय के अधीन जूट आयुक्त (जेसी)कार्यालय के माध्यम से पहली बार 400 बेल जूट के बोरे खरीदने जा रही है। त्रिपुरा सरकार 1 मई से खाद्यान्नों की खरीदारी करने का लक्ष्य रखा है। केंद्रीय उपभोक्ता, खाद्य एवं जनवितरण मंत्रालय के अनुसार खरीफ सीजन 2018-19 और रबी सीजन 2019-20 के लिए खाद्यान्नों की पैकिंग में आनुमानिक 18.955 लाख बेल जूट के बोरे की आवश्यकता पड़ेगी। खरीफ सीजन में धान की पैकिंग के लिए पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखण्ड, त्रिपुरा, महाराष्ट्र,तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और ओडिशा में जूट के बोरे का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है जबकि रबी सीजन में गेहूं की पैकिंग करने वाले राज्यों में पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, भारतीय खाद्य निगम, गुजरात, बिहार और उत्तराखण्ड प्रमुख है। सूत्रों ने बताया कि व मंत्रालय के नए दिशा निर्देशों के तहत सभी राज्य सरकारें एक निर्धारित प्रणाली के तहत जेसी कार्यालय के माध्यम से जूट के बोरे खरीद रही हैं। इससे पहले कई राज्यों में खुले बाजार से तथा एक बार उपयोग में लाए जूट के बोरे खरीद कर अनाजों की पैकिंग की जाती थी।

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