कोलकाता की चाइनीज कम्यूनिटी ने दिखाया लोकतंत्र के प्रति उत्साह, पहली बार किया मतदान

कोलकाता की चाइनीज कम्यूनिटी ने दिखाया लोकतंत्र के प्रति उत्साह, पहली बार किया मतदान

Shishir Sharan Rahi | Publish: May, 21 2019 02:33:00 PM (IST) Kolkata, Kolkata, West Bengal, India

कतार में खड़े होकर डाला वोट और गर्व से दिखाया वोटिंग निशान

कोलकाता. कई दशकों से कोलकाता में रह रहे कोलकाता की चाइनीज कम्यूनिटी ने रविवार को 7वें और अंतिम चरण के लोकसभा चुनाव में पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग किया। यह समुदाय कई दशकों से बंगाल में अस्तित्व में है लेकिन रविवार को पहली बार इन्होंने घरों से निकलकर मताधिकार का प्रयोग किया। कोलकाता में भगवानचंद्र खटिक प्राइमरी स्कूल में बने मकदान केंद्र में चीनी समुदाय के जॉर्डन ली ने पत्नी सुजैन और बेटे केनेथ के साथ कतार में लगकर मतदान किया और इसके बाद गर्व के साथ अपना वोटिंग निशान दिखाया। लगभग 200 साल से शहर में बसा चाइनीज समुदाय शू-मेकिंग, दंत चिकित्सक, ब्यूटी सैलून और चाइनीज रेस्तरां जैसे कई तरह के क्षेत्रों से जुड़ा हुआ है। जनसे एक वोट की कीमत का पता चलता है। इस समुदाय के बुजुर्गों ने बताया कि सांस्कृतिक रूप से लोकतंत्र की अवधारणा से वे अलग-थलग हैं। जब चीन में शाही शासन था तब उनके पूर्वजों ने भारत में पलायन कर लिया था। 45 साल की उम्र में पहली बार वोट डालने वाले चेन चीन हाउ ने बताया कि हमारी कम्यूनिटी के ज्यादातर बुजुर्गों के पास भारतीय नागरिकता नहीं थी और वह चाइनीज पासपोर्ट रखते थे। उनकी अगली पीढ़ी पूरी जिंदगी कोलकाता में रहे लेकिन बिजनेस के परे वह समाज के साथ नहीं जुड़ सके।
---आबादी 20 हजार से घटकर 4,500

चीनी समुदाय के कई बुजुर्गों ने अफसोस के साथ कहा कि राजनीतिक दलों ने भी कभी उनसे मुलाकात नहीं की। 1962 के युद्ध के दौरान गिरफ्तारियों ने उन्हें संदिग्ध बना दिया और वह बहिष्कृत जीवन जीने लगे। उनकी अगली पीढ़ी ने यह महसूस किया कि अब इस तरह एकांत होकर नहीं रह सकते। 4 दशक पहले तक कोलकाता में इनकी आबादी 20 हजार तक थी जो अब घटकर 4500 रह गई। उन्होंने कहा कि सभी ने यह निर्णय किया कि अगर यहां रहना है तो हमें घुलना-मिलना होगा और बाहरी दुनिया से संपर्क करना होगा। चुनाव में भाग लेकर और अपने वैध अधिकारों का प्रयोग करना समाज के साथ जुडऩे की तरफ पहला महत्वपूर्ण कदम है। कम्यूनिटी के कुछ सदस्यों ने पिछले एक डेढ़ दशक से स्थानीय पार्षद के साथ संपर्क करना शुरू किया और परिणामस्वरूप निकाय और राज्य चुनाव में मतदान किया। उनका भागीदारी से एक बदलाव देखने को मिला। पोलिंग बूथ के बाहर एक खास राजनीति दल का कैंप लगाकर वोटर पर्ची देने वाले जोसेफ ने कहा कि पहले यहां अंधेरा होते ही अपराधियों का बोलबाला था। सूर्यास्त के बाद कोई टैक्सी नहीं मिलती थी, न कोई स्ट्रीट लाइट थी। सडक़ो पर गड्ढ़े नहीं, बल्कि गड्ढ़ों में सडक़ थी। बदलाव को देखते हुए भारतीय चाइनीज समुदाय ने इस बार मतदान करने का फैसला लिया। भारतीय चाइनीज समुदाय के लोग तेंगड़ा और ओल्ड चाइना टाउन में रहते हैं जो कोलकाता दक्षिण और कोलकाता उत्तर लोकसभा सीट के तहत है।

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