कश्मीर के मुद्दे पर कांग्रेस नेता अधीर चौधरी ने दी केंद्र को यह सलाह

लोकसभा में कांग्रेस के नेता तथा संसद की लोक लेखा समिति के चेयरमैन अधीर रंजन चौधरी ने कश्मीर के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर एक बार फिर निशाना साधा है।

कोलकाता.
लोकसभा में कांग्रेस के नेता तथा संसद की लोक लेखा समिति के चेयरमैन अधीर रंजन चौधरी ने कश्मीर के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर एक बार फिर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर घाटी का 26 अक्टूबर 1947 को भारत के साथ विलय हुआ था। हमें कश्मीर के साथ शारीरिक एकीकरण के बजाय भावनात्मक एकीकरण की आवश्यकता है। चीन-पाक आर्थिक गलियारा भारत के लिए जहरीला कांटा है।

चौधरी गुरुवार को हावड़ा के माझेरपाड़ा स्थित मोल्लापाड़ा मोड़ पर आयोजित जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि मोदी सरकार जम्मू-कश्मीर घाटी के हालात सामान्य बताने का प्रयास कर रही है पर हकीकत में ऐसा नहीं है। सरकार कश्मीर के संदर्भ में विपक्षी दलों के सवालों का सटिक जवाब देने में पूरी तरह विफल साबित हुई है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार 18 से 24 जनवरी के बीच केंद्रीय मंत्रियों को जम्मू-कश्मीर में धारा 370 हटाए जाने के लाभ और सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देने के लिए घाटी में भेज रही है। इस पर सवाल खड़े करते हुए चौधरी ने कहा कि अगर घाटी में सब कुछ सामान्य है तो इस तरह का अधिप्रचार करने की क्या जरूरत है। भाजपा सरकार ने एक अन्य प्रचार अभियान में कश्मीरियों को अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के लाभों को समझाने के लिए अपना समय तय किया है।

कांग्रेस नेता चौधरी ने कहा कि यह पहली सरकार है जो पहले कानून पारित करती है और फिर इसके लिए समर्थन मांगती है। अधीर ने कहा कि सरकार विपक्षी नेताओं को कब कश्मीर जाने की इजाजत देगी। इसे लेकर रहस्य बना हुआ है। अधीर ने सत्तारूढ़ भाजपा पर देश भर में नागरिकता संशोधन अधिनियम, 2019 और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) को लागू करने के खिलाफ उनकी पार्टी का विरोध जारी रहेगा।

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