राज्य निर्वाचन आयोग के खिलाफ हाईकोर्ट के आदेश के अवमानना का ममला

Ashutosh Kumar Singh

Publish: May, 17 2018 11:25:44 PM (IST)

Kolkata, West Bengal, India
राज्य निर्वाचन आयोग के खिलाफ हाईकोर्ट के आदेश के अवमानना का ममला

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी की ओर से दायर मामले पर आज सुनवाई संभव

कोलकाता

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने पश्चिम बंगाल के राज्य निर्वाचन आयोग पर अदालत के आदेश का अवमानना का आरोप लगाते हुए बधवार को कलकत्ता हाईकोर्ट में मामला दर्ज कराया। अधीर चौधरी का कहना है कि कलकत्ता हाईकोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से मतदान संपन्न कराने का निर्देश दिया था। आयोग ने हाईकोर्ट के आदेश पर कोई ध्यान न देकर सुरक्षा के बिना पुख्ता इंतजाम के मतदान करा दिया। आयोग की इस लापरवाही के कारण मतदान के दिन पूरे राज्य में बड़े पैमाने पर हिंसा हुई। कई लोगों की जान चली गई। संभवत: शुक्रवार को मुख्य न्यायाधीश ज्योतिर्मय भट्टाचार्य की खंडपीठ में मामले की सुनवाई होगी। अधिवक्ता ए. सुंदर दास ने मतदान के दिन हिंसा की बलि चढ़े लोगों के आश्रितों के लिए उचित मुआवजा देने की मांग करते हुए चायिका दायर की है। इस मामले पर भी शुक्रवार को सुनवाई संभव है। इधर रविवार रात को कथित तृणमूल समर्थकों की ओर से की गई आगजनी में जल कर मरे दम्पती देवप्रसाद दास और उषा दास के बेटे दीपंकर दास ने मामले की सीबीआई जांच की मांग करते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट में मामला दायर किया है।

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पंचायत चुनाव हिंसा: राजभवन पहुंची कांग्रेस और सडक़ों पर उतरी माकपा


- विपक्ष ने की राज्य में राष्ट्रपति शासन की मांग

कोलकाता

पश्चिम बंगाल में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से लेकर मतगणना तक बड़े पैमाने तक हुई हिंसा के विरोध में कांग्रेस ने गुरुवार को राजभवन में राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी से मुलाकात कर राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग दोहराई। माकपा के वरिष्ठ नेता विधायक सुजन चक्रवर्ती के नेतृत्व में वाममोर्चा कार्यकर्ताओं ने महात्मा गांधी रोड और सेंट्रल एवेन्यू क्रासिंग पर रास्ता जाम कर विरोध प्रकट किया। कांग्रेस और वाममोर्चा ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर लोकतंत्र की हत्या करने तथा राज्य में अराजकता फैलाने, हिंसा की राजनीतिक को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है।
राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन-

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सांसद अधीर रंजन चौधरी के नेतृत्व में पार्टी के प्रतिनिधि दल ने राजभवन में राज्यपाल त्रिपाठी से मुलाकात की। करीब आधे घंटे की मुलाकात के दौरान कांग्रेस नेताओं ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। बाद में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष चौधरी ने कहा कि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने पंचायत चुनाव के नाम पर जमकर हिंसा फैलाई है। चुनाव से लेकर मतगणना तक बड़े पैमाने पर हिंसा हुई। जिसमें एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत हुई है जबकि १०० से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। कांग्रेस सांसद ने कहा कि तृणमूल ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की करीब २० हजार सीटों पर निर्विरोध जीत हासिल की। इसके बावजूद सत्तारूढ़ दल ने हिंसा का सहारा लेकर ग्रामीण जनता को उनके मताधिकार से वंचित कर दिया।
राष्ट्रपति शासन लगाने की गुहार-

प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व ने राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था तथा पंचायत चुनाव में बड़े पैमाने पर हुई हिंसा के मद्देनजर राज्यपाल से राज्य में धारा ३५५ या ३५६ जारी करने की सिफारिश करने का अनुरोध किया। कांग्रेस प्रतिनिधि दल में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के अलावा सांसद प्रो. प्रदीप भट्टाचार्य, सांसद अभिजीत मुखर्जी, विधायक असित मित्रा, फिरोजा बेगम और विधायक अखरुज्जमां समेत कई अन्य नेता शामिल थे।
गांधी मूर्ति के समक्ष दिया धरना-

दूसरी ओर, प्रदेश कांग्रेस के आह्वान पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने पंचायत चुनाव हिंसा के खिलाफ धर्मतल्ला के निकट गांधी मूर्ति के समक्ष धरना देकर विरोध प्रकट किया। धरना प्रदर्शन में कांग्रेस, युवा कांग्रेस और छात्र परिषद के प्रदेश नेतृत्व उपस्थित रहे।

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