कोरोना का प्रभाव चर्म शिल्प पर पड़ा, हजार करोड़ का नुकसान

- बानतला चर्म व्यवसाय में जबरदस्त नुकसान

By: Vanita Jharkhandi

Published: 17 Mar 2020, 03:45 PM IST

 


बारूईपुर . दक्षिण 24 परगना के बारूईपुर स्थित बानतल्ला एशिया का सबसे बड़ा चर्म शिल्प कोरोना के कारण से करोड़ों-करोड़ों रुपए के नुकसान को झेल रहा है। स्थिति में जल्दी सुधार नहीं हुआ तो नुकसान हजार करोड़ रुपए को पार कर जाएगा। सूत्रों के अनुसार चमड़े की सफाई आदि के लिए जो कच्चा माल चाहिए वह चीन से आता है पर कोरोना के कारण से चीन से हर प्रकार के यातायात व्यवस्था को बन्द कर दिया गया है साथ ही व्यवसाय भी ठप्प है जिसके कारण चर्म व्यवसाय को हजारों करोड़ का नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस स्थिति में सुधार नहीं हुई तो नकुसान कई गुना बढ़ जाएगा। सूत्रों के अनुसार बानतल्ला में बाम शासन के समय चर्मशिल्प नगरी तैयार की गई जिसे ममता की सरकार आने पर और भी अधिक सुविधासम्पन्न बनाया है। चर्मनगरी के मालिकों का कहना है कि यदि ऐसा ही एक महीना और चला तो नुकसान का आकंड़ा चार-पांच हजार करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है। कई कारखाने बन्द हो गए है और कुछ दिनों में और भी बन्द हो जाएंगे क्योंकि उनके पास काम करने को कुछ है ही नहीं। कच्चा माल न होने से चमड़े की सफाई, रंगाई आदि का काम कच्चा माल की कमी के कारण मुश्किल में पड़ गया है। एक का कहना है कि देश में चमड़ा तो आसानी से मिल जाता है पर चमड़े की सफाई व रंगाई के लिए सामग्री नहीं मिल रही है। चीन से ही सारी चीजें आती थी साथ ही अन्य देशों में भी एक प्रकार से बाहर से चीजों का आना-जाना बन्द कर दिया है। ऐसे में जो सामान बन कर तैयार भी है तो उसके लिए बाजार नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में स्थिति के बेहतर होने का हर एक व्यक्ति इंतजार कर रहा है।

Vanita Jharkhandi Reporting
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