छठ पूजा के लिए निगम का स्थानी जलाशय का होगा निर्माण


- कोलकाता नगर निगम पहले ही वार्ड नंबर 117 में जलाशय का नवीनीकरण करने का निर्णय लिया गया है। इन घाटों में, हिंदी भाषी लोग छठ पूजा कर सकते हैं, साथ ही विभिन्न पूजा, विवाह समारोह, श्राद्धकर्म भी इसका प्रयोग किए जा सकेंगा

By: Vanita Jharkhandi

Published: 25 Feb 2021, 03:50 PM IST

 

कोलकाता
कोलकाता नगर निगम (केएमसी) छठ पुजो में पर्यावरण प्रदूषण को रोकने के लिए एक स्थायी समाधान लेकर आई है। पर्यावरणविदों की शिकायत है कि रविन्द्र सरोबर और सुभाष सरोवर हर साल छठ पूज में प्रदूषित होता हैं। पिछले साल, कोलकाता नगर निगम ने सरोवर के पानी को संरक्षित करने और प्रदूषण को रोकने के लिए कोलकाता में कई कृत्रिम जलाशय बनाए। इस बार उस समस्या के स्थाई समाधान किया गया जा रहा है। जिस शहर में हिंदी भाषी लोगों की संख्या अधिक है, निगम उन क्षेत्रों में तालाबों और जलाशयों का नवीनीकरण करके घाटों का निर्माण करेगा।
कलकत्ता नगर निगम की पहले ही वार्ड नंबर 117 के जलाशय का नवीनीकरण करने का निर्णय ले चुका है। चारुबाबूर तालाब, साहेब महल, मालाकार पारा के विभिन्न तालाबों का नवीनीकरण करके घाटों का निर्माण किया जाएगा। इन घाटों में, हिंदी भाषी लोग छठ पूजा कर सकते हैं, साथ ही विभिन्न पूजा, विवाह समारोह, श्राद्धकर्म भी किए जा सकते हैं। कलकत्ता नगर निगम के शासी निकाय के सदस्य और पर्यावरण विभाग के प्रभारी स्वपन समददार ने कहा कि कुछ बेईमान व्यापारी तालाबों और तालाबों को अवरुद्ध करने और अवैध रूप से निर्माण करने की कोशिश कर रहे थे। छठ पूजो में प्रदूषण की समस्या को रोका जा सकता है क्योंकि घाटों को बांधने और सजाने के लिए ़विरोध को रोका जा सके है। शहर में कई तालाबों को बांध कर घाटों का निर्माण पहले ही की जा चुकी है।

Vanita Jharkhandi Reporting
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