बंगाल में संघ की मददगार बनीं ममता, ऐसा क्यों कह रही है माकपा...

साढ़े तीन दशकों तक पश्चिम बंगाल (West Bengal) में लगातार राज करने वाली माकपा (Cpim) ने तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी (Trinmool supremo Mamata Banerjee) और संघ परिवार के रिश्ते मजबूत होने का दावा करते हुए सोशल मीडिया में अभियान शुरू किया है। जिसकी प्रचार सामाग्री बीते दो दशकों के दौरान तृणमूल-भाजपा और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के कथित रिश्तों पर केन्द्रित हैं।

By: Paritosh Dube

Updated: 07 Mar 2020, 08:00 PM IST

कोलकाता. पश्चिम बंगाल की राजनीति में अंको के लिहाज से हाशिए पर पहुंची माकपा स्थानीय निकाय व विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करने के मकसद से सोशल मीडिया पर अपना ताजा अभियान शुरू किया है। जिसमें बीते दशकों के दौरान तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी और भाजपा - राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के संबंधो पर घटनाओं और बयानों के हवाले से संदेश देने की कोशिश की गई है। अभियान की प्रचार सामाग्री में कहा गया है कि राज्य में सांप्रदायिक शक्तियों के उभार में तृणमूल ने भाजपा व संघ परिवार से हाथ मिलाया है।
अभियान में गुजरात दंगों के बाद ममता बनर्जी के कथित बयान को जगह दी गई है जिसमें माकपा दावा कर रही है कि उस समय ममता ने गुजरात दंगों को भाजपा की अंदरूनी बात कही थी। अभियान की सामाग्री में यह दावा किया गया है कि संघ के मुखपत्र पांचजन्य के संपादक तरुण विजय की पुस्तक कम्युनिष्ट टेररिज्म के वर्ष २००३ में आयोजित लोकार्पण समारोह में ममता ने संघ पदाधिकारियों को सच्चा देशभक्त बताया था। सामाग्री यह भी दावा करती है कि सभा में उपस्थित भाजपा के राज्यसभा सांसद बलबीर पुंज ने ममता को मां दुर्गा कहा था। अभियान की प्रचार सामाग्री के मुताबिक उसी कार्यक्रम में ममता ने कहा था कि कम्युनिस्टों के खिलाफ लड़ाई में वे उनके साथ हैं। अभियान मे बीते दो दशकों के कई घटनाक्रमों का जिक्र है। जिसमें ममता के धर्मतल्ला स्थित अनशन स्थल पर भाजपा नेता राजनाथ सिंह के जाने, तत्कालीन वाममोर्चा सरकार के खिलाफ हिंसक आंदोलन करने व उसमें भाजपा की मदद होने का दावा किया गया है।
अभियान के लिए तैयार किए कार्टून में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिह्न का प्रयोग करते हुए जमीन के ऊपर उनके आपस में भिडऩे व जमीन के नीचे एक ही जड़ से सींचे जाने के भाव हैं।
माकपा लंबे समय से तृणमूल सुप्रीमो पर भाजपा से सांठगांठ करने की बात कहती रही है।
माकपा के डिजिटल अभियान पर अब तक तृणमूल कांग्रेस या भाजपा ने कोई जवाब नहीं दिया है।

Paritosh Dube Desk
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