बंगाल में चक्रवात का खतरा, तटवर्ती इलाके में अलर्ट

बंगाल की खाड़ी में चक्रवात का खतरा मंडरा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए तटवर्ती इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। जिला प्रशासन के साथ ही कोस्ट गार्ड हालात पर नजर रख रहा है। यह चक्रवात शनिवार की सुबह पश्चिम बंगाल में दीघा के दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में 1,220 किलोमीटर की दूरी पर था।

By: Rabindra Rai

Updated: 16 May 2020, 10:41 PM IST

रविवार शाम तक बदल सकता है भयंकर चक्रवात में
कोलकाता.
बंगाल की खाड़ी में चक्रवात का खतरा मंडरा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए तटवर्ती इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। जिला प्रशासन के साथ ही कोस्ट गार्ड हालात पर नजर रख रहा है। यह चक्रवात शनिवार की सुबह पश्चिम बंगाल में दीघा के दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में 1,220 किलोमीटर की दूरी पर था। मौसम कार्यालय ने बताया कि इस तूफान के प्रभाव से 19 मई से राज्य के तटीय जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। क्षेत्रीय मौसम विभाग के निदेशक जी के दास ने बताया कि कम दबाव का क्षेत्र रविवार की शाम तक भयंकर चक्रवात में बदल सकता है और यह 17 मई तक उत्तर-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ सकता है। उन्होंने बताया कि इसके 18 से 20 मई के दौरान उत्तर-उत्तरपूर्व की ओर बढऩे और फिर पश्चिम बंगाल तट की ओर बढऩे की संभावना है।
दास ने बताया कि इसके प्रभाव से उत्तर और दक्षिण 24 परगना, कोलकाता, पूर्वी और पश्चिमी मिदनापुर, हावड़ा और हुगली समेत पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों में 19 मई और 20 मई को भारी बारिश होने का अनुमान है।
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मछुआरों को नहीं जाने की सलाह
मछुआरों को 18 मई से 21 मई तक पश्चिम बंगाल-ओडिशा तटों और उत्तरी बंगाल की खाड़ी के पास नहीं जाने की सलाह दी गई है और जो समुद्र में हैं, उन्हें 17 मई तक तटों की ओर लौटने को कहा गया है। मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिम बंगाल के तटीय क्षेत्रों और इसके आसपास 45 से 55 किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से हवा चलने और फिर 19 मई की दोपहर से 65 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा चलने का अनुमान है। हवा की गति 20 मई की सुबह 75 से 90 किलोमीटर प्रतिघंटा रहने की संभावना है।

Rabindra Rai Editorial Incharge
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