परिजनों को बताए बिना जला दिया कोरोना से मृत व्यक्ति का शव

एमआर बांगुर अस्पताल पर लगा आरोप
-एक बार फिर सुर्खियों में आया यह अस्पताल

By: Krishna Das Parth

Updated: 16 May 2020, 06:08 PM IST

कोलकाता . पश्चिम बंगाल में कोरोना से मृत व्यक्ति के शव को परिजनों को बताए बिना जला दिए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर कोलकाता का एमआर बांगुर अस्पताल फिर से सुर्खियों में हैं। यहॉं कोरोना संक्रमण से 70 साल के हरिनाथ सेन नामक व्यक्तिकी मौत हो गई। मृतकों के परिजनों ने दावा किया है कि अस्पताल के कर्मचारियों ने उन्हें इसकी जानकारी दिए बिना ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया। मौत के चार दिन बाद उन्हें इसकी जानकरी मिली।
सेन के परिवार वालों के अनुसार ब्रेन स्ट्रोक के कारण उनके शरीर का दायॉ हिस्सा लकवाग्रस्त हो गया था। उन्हें इलाज के लिए एनआरएस मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 29 अप्रेल को उनके कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि हुई। इसके बाद उन्हें एमआर बांगुर अस्पताल में रेफर कर दिया गया। एमआर बांगुर अस्पताल से 1 मई को परिजनों को सेन की तबीयत बिगडऩे के बारे में सूचित किया गया। कथित तौर इसके बाद परिजनों को उनके बारे में कोई खबर नहीं दी गई। इस दौरान क्वारंटाइन में होने के कारण परिजन खुद भी उनके स्वास्थ्य को लेकर जानकारी हासिल करने में सक्षम नहीं थे। परिवार ने 5 माई को उनके स्वास्थ्य के बारे में जानने के लिए अस्पताल से संपर्क किया, तो कोई भी जानकारी देने से इनकार कर दिया गया। 6 मई को जब परिवार अस्पताल पहुँचा, तो उन्हें सूचित किया गया कि सेन की 2 मई को मृत्यु हो गई थी और उनका अंतिम संस्कार किया जा चुका है। हरिनाथ के बेटे अरिजीत सेन के अनुसार अस्पताल ने न तो उनके पिता की मृत्यु के बारे में सूचित किया और न ही दाह संस्कार की खबर दी। अरिजीत ने बताया कि जब उन्होंने जानकारी प्राप्त करने के लिए घर से वार्ड मास्टर को फोन किया, तो एक महिला ने कॉल उठाया और बेरुखी से बताया कि शव को कोलकाता निगम वाले ले गए है।
अरिजीत ने बताया कि अभी तक परिवार को न तो मृत्यु प्रमाण-पत्र सौंपा गया है और न ही मृतक का मेडिकल दस्तावेज। उन्हें इसके लिए तपसिया श्मशान से संपर्क करने के लिए कहा गया है।
हालांकि एमआर बांगुर अस्पताल ने सभी आरोपों का खंडन किया है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. शिशिर नस्कर के अनुसार सहायक अधीक्षक ने मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार परिवार से संपर्क किया था। अस्पताल अधीक्षक ने बताया कि कोरोनो वायरस रोगी की मौत के बारे में परिवार को जानकारी देने के बाद एक रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को भेजी जाती है और अंतिम संस्कार कोलकाता नगर निगम द्वारा किया जाता है। ये सारी प्रक्रिया पूरी की गई थी।

Krishna Das Parth Desk
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