बंगाल निर्मित सस्ते कोरोना जांच किट की विश्व में मांग

डब्ल्यूएचओ ने कम्पनी से सम्पर्क कर दिया आर्डर

By: Rajendra Vyas

Updated: 10 May 2020, 10:18 PM IST

कोलकाता. प्रदेश की एक बायोटेक कंपनी द्वारा निर्मित सस्ते कोरोना जांच किट ने विश्व में पहचान बनाई है और इसकी मांग बढ़ गई है। दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सेवा संस्था विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने राज्य को किट भेजने का आर्डर दिया है। राज्य के दक्षिण 24 परगना स्थित बायोटेक कंपनी जीसीसी बायोटेक ने दुनिया की सबसे सस्ती कोरोना जांच किट विकसित की है। कीमत महज 500 रुपए है। इससे मात्र 90 मिनट में परिणाम मिलते हैं।
कंपनी के निदेशक राजा मजुमदार ने बताया कि पिछले दो माह के अथक प्रयास से कंपनी ने यह किट विकसित किया है। आईसीएमआर पहले ही इसे मान्यता दे चुका है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने शनिवार को कंपनी से संपर्क किया था। पहले चरण में उन्हें 1000 किट भेजे जा रहे हैं। यह किट विभिन्न देशों में जरूरतमंदों के लिए उपयोगी रहा तो शोध सफल होगा। शोधकर्ताओं ने कहा कि वे अन्य कई तरह की बीमारियों यथा डेंगू, चिकनगुनिया और एड्स आदि का परीक्षण भी करते हैं। सीएसआईआर के पूर्व वैज्ञानिक कलकत्ता विश्वविद्यालय में जैव प्रौद्योगिकी के प्रोफेसर कौस्तुभ पांडा और शोधकर्ताओं के एक समूह ने दक्षिण 24 परगना की प्रयोगशाला में दो माह तक काम किया। केंद्र सरकार असम, महाराष्ट्र और उड़ीसा सहित विभिन्न राज्यों में किट ले रही है। प्रोफेसर कौस्तुभ ने कहा किट के लिए कच्चा माल आयात नहीं करना पड़ा। सामग्री बंगाल की प्रयोगशाला में ही बनाई गई। इसी कारण कम लागत पर परीक्षण संभव हुआ। आईसीएमआर के अनुसार, 100, 200 और 500 किट के पैकेट उपलब्ध हैं। किसी भी अनुमोदित प्रयोगशाला में हर दिन कम से कम 1000 रोगियों का परीक्षण किया जा सकता है। कंपनी के अनुसार अभी प्रति माह एक करोड़ किट का उत्पादन हो रहा है। अगर केंद्र सरकार चाहे तो दोगुना उत्पादन संभव है। जितनी अधिक जांच होगी उतना ही वायरस पर नियंत्रण होगा।

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