बंगाल में दुर्गोत्सव: कोरोना वायरस और लॉकडाउन की थीम चर्चा में

सबसे बड़े त्योहार दुर्गा पूजा के रंग में कोलकाता समेत पूरा पश्चिम बंगाल रंग गया है। चारों तरफ आस्था और भक्ति की बयार बह रही है। इस बार देवी दुर्गा और श्रद्धालुओं के बीच कोरोना रूपी राक्षस दीवार बना हुआ है। कोविड-19 महामारी के मद्देनजर सादगी से उत्सव को मनाया जा रहा है। कलकत्ता हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को पंडालों में नो एंट्री जोन घोषित करने का निर्देश दिया। इस कारण लोग कुछ दूरी से पंडाल की तस्वीर लेते हुए और सड़क पर बिकने वाली खाने-पीने की चीजों का लुत्फ उठाते दिख रहे हैं।

By: Rabindra Rai

Published: 23 Oct 2020, 05:09 PM IST

बंगाल में दुर्गोत्सव: कोरोना वायरस और लॉकडाउन की थीम चर्चा में
- पंडालों में नो एंट्री, कुछ दूरी से पंडाल की तस्वीर ले रहे श्रद्धालु
कोलकाता. सबसे बड़े त्योहार दुर्गा पूजा के रंग में कोलकाता समेत पूरा पश्चिम बंगाल रंग गया है। चारों तरफ आस्था और भक्ति की बयार बह रही है। इस बार देवी दुर्गा और श्रद्धालुओं के बीच कोरोना रूपी राक्षस दीवार बना हुआ है। कोविड-19 महामारी के मद्देनजर सादगी से उत्सव को मनाया जा रहा है। कलकत्ता हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को पंडालों में नो एंट्री जोन घोषित करने का निर्देश दिया। इस कारण लोग कुछ दूरी से पंडाल की तस्वीर लेते हुए और सड़क पर बिकने वाली खाने-पीने की चीजों का लुत्फ उठाते दिख रहे हैं। पूजा आयोजकों ने संक्रमण को फैलने से रोकने के तमाम उपाय किए हैं। ज्वलंत विषयों की थीम पर पूजा पंडाल बनाने के लिए ख्याति प्राप्त दक्षिण कोलकाता के आयोजक समाजसेवी संघ ने इसबार अपने खुले पंडाल की दिशा बदलकर दक्षिण एवेन्यू की ओर करने का फैसला किया है ताकि श्रद्धालु अपने वाहन में बैठक कर दूर से ही देवी दुर्गा की प्रतिमा का दर्शन कर सकें। राज्य में इस साल भी सामाजिक या समसामयिक मुद्दों पर थीम देखने को मिल रही है। विशेष डिजाइन के चलते दुनिया भर में यहां के पंडाल हमेशा चर्चा में रहते हैं। आयोजकों ने थीम कोरोना वायरस या लॉक डाउन भी रखा है। जागरूकता फैलाने के लिए कई पूजा स्थलों पर कोरोना वायरस से जुड़ी थीम है।
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मूर्ति को सिल्वर मास्क पहनाया
बीरभूम जिले के सैंथिया में देवी की मूर्ति को सिल्वर मास्क पहनाया गया है। देश में कोरोना वायरस के प्रति जागरूकता का संदेश देने के लिए ऐसा किया गया। देवी और आस-पास के अन्य देवी-देवताओं को सिल्वर मास्क पहनाया गया है। कई अन्य दुर्गा पूजा पंडालों में भी कोरोना वायरस से जुड़ी थीम अपनाई गई। इनमें बडि़शा क्लब दुर्गा पूजा समिति का पंडाल चर्चा में है जहां लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूर महिलाओं की पीड़ा को दिखाया गया है। महिलाएं अपने बेटे-बेटियों को गोद में लेकर पैदल चलती हुई दिखाई गई हैं। देवी की मूर्ति के स्थान पर प्रवासी मजदूर महिलाओं को ही दर्शाया गया है।
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कोरोना वॉरियर्स को सैल्यूट
कोरोना काल में मरीजों की मदद करने वाले कोरोना वॉरियर्स को भी सैल्यूट करने के लिए कुछ पंडालों में थीम इस्तेमाल की गई है। कोलकाता के एक पंडाल में देवी को डॉक्टर के रूप में सफेद कोट पहने हुए दिखाया गया है, जिसमें देवी महिषासुर से लड़ाई कर रही हैं। दुर्गा के हाथ में एक वैक्सीन है और वह इसका प्रयोग महिषासुर को मारने के लिए करती हैं। महिषासुर को कोरोना वायरस के रूप में दिखाया गया है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इस अद्भुत कला के फोटो ट्विटर पर शेयर किये जो काफी वायरल हो गए। इसके अलावा एक अन्य पंडाल के गेट पर ट्रक सजाया गया है, जिस पर प्रवासी मजदूर चढऩे का प्रयास कर रहे हैं।
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भारी बारिश की आशंका कम
बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना दबाव का क्षेत्र शुक्रवार दोपहर पश्चिम बंगाल के तट से आगे बढ़ गया, जिससे महानगर और आसपास के जिलों में दुर्गा पूजा के दिनों में भारी बारिश की आशंका कम हो गयी है । मौसम विभाग ने कहा है कि कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम स्तर की बारिश का अनुमान है । मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि ओडिशा तट के पास उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना दबाव का क्षेत्र 22 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-उत्तरपूर्व की ओर बढ़ रहा है। अब यह सागर द्वीप (पश्चिम बंगाल) के करीब 50 किलोमीटर दूर पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट के पास उत्तरपश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर केंद्रित हो गया है। दबाव के इस क्षेत्र के उत्तर-उत्तरपूर्व की ओर बढऩे तथा बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल के तटवर्ती हिस्से को पार करने की संभावना है जिससे बंगाल के दक्षिणी हिस्से में मूसलाधार बारिश की आशंका कमजोर हो गई है।
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ऐप डाउनलोड किए
टॉलीगंज इलाके में आईटी पेशेवर पीयूष सिन्हा ने कहा कि उन्होंने कुछ प्रमुख पूजा स्थलों के मोबाइल ऐप डाउनलोड किए हैं क्योंकि वह इन पंडालों में इस उत्सव का आनंद उठाने का मौका नहीं चूकना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि महामारी के बीच हमारी जान को जोखिम में डालने का कोई मतलब नहीं है। ज्यादातर पूजा पंडालों ने अपने ऐप पेश किए हैं और कुछ यूट्यूब पर सीधा प्रसारण भी कर रहे हैं, फिर जोखिम क्यों मोल लिया जाए?Ó
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यूट्यूब पर इंतजाम
संतोषपुर लेक पल्ली के सचिव सोमनाथ दास ने कहा कि हमने यूट्यूब पर पूजा का सीधा प्रसारण करने का इंतजाम किया है। श्रीभूमि स्पोर्टिंग क्लब में आयोजकों ने पंडाल के बाहर मंच का एक हिस्सा हटा दिया, ताकि श्रद्धालु प्रतिमा का नजदीक से दर्शन कर सकें। कोलकाता पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि दिन में ज्यादा संख्या में श्रद्धालु सड़कों पर नहीं उमड़ रहे हैं।
फिर भी भीड़ प्रबंधन के लिए सभी इंतजाम किए गए हैं।

Rabindra Rai Editorial Incharge
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