दुश्मन हमारी एक इंच जमीन भी नहीं ले सकेगा: रक्षा मंत्री

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत चाहता है कि चीन और भारत के बीच सीमा पर शांति होनी चाहिए और तनाव खत्म होना चाहिए। मैं आश्वस्त करना चाहता हूं कि दुश्मन हमारी एक इंच जमीन भी नहीं ले सकेगा पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग के सुकना युद्ध स्मारक में मंत्रोच्चारण के बीच शस्त्र पूजा के बाद उन्होंने पत्रकारों को बताया कि भारतीय सेना के जवानों से भेंट करके मुझे हमेशा बेहद ख़ुशी होती है

By: Rabindra Rai

Published: 25 Oct 2020, 12:05 PM IST

चीन सीमा पर तनाव के बीच शस्त्र पूजा के बाद बोले राजनाथ सिंह
दार्जिलिंग. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत चाहता है कि चीन और भारत के बीच सीमा पर शांति होनी चाहिए और तनाव खत्म होना चाहिए। मैं आश्वस्त करना चाहता हूं कि दुश्मन हमारी एक इंच जमीन भी नहीं ले सकेगा पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग के सुकना युद्ध स्मारक में मंत्रोच्चारण के बीच शस्त्र पूजा के बाद उन्होंने पत्रकारों को बताया कि भारतीय सेना के जवानों से भेंट करके मुझे हमेशा बेहद ख़ुशी होती है। उनका मनोबल बहुत ऊँचा रहा है, इसकी जितनी भी प्रशंसा की जाए कम है। भारत चाहता है कि तनाव ख़त्म हो और शांति स्थापित हो। मैं पूरी तरह आश्वस्त हूँ कि हमारी सेना भारत की एक इंच ज़मीन भी दूसरे के हाथ में नहीं जाने देगी। रक्षा मंत्रा राजनाथ सिंह ने परंपरागत तरीके से सेना के शस्त्रों की पूजा की। इस दौरान थलसेना अध्यक्ष एमएम नरवणे भी मौजूद थे। विजयादशमी के दिन शस्त्र पूजा करने की परंपरा है। सिंह ने सुकना आर्मी कैम्प में शस्त्र का भी निरीक्षण किया।
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बहादुरी की चर्चा स्वर्णाक्षरों में होगी
गलवान में चीन के विश्वासघात का जिक्र करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि हाल-फिलहाल में भारत चीन के बॉर्डर पर जो हुआ है उसके बारे में निश्चित जानकारी के आधार पर मैं कह सकता हूं कि हमारे देश के जवानों ने जिस प्रकार की भूमिका का निर्वाह किया है आगे जब इतिहास लिखा जाएगा तो उनके शौर्य और बहादुरी की चर्चा स्वर्णाक्षरों में की जाएगी।
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पूर्वोत्तर राज्यों में लगातार विकास
राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री के दिशा-निर्देश में, पूर्वोत्तर राज्यों में बुनियादी क्षेत्र में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क, पुल, सुरंग के निर्माण पर ध्यान केन्द्रित रहा है। सड़कें किसी भी राष्ट्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैंसीमा के पास पूर्वोत्तर क्षेत्र में कुल 8090 किमी लम्बाई की सड़के हैं। इनमें से 5734 किमी निर्माण योजना में है। उन्होंने कहा कि कुछ समय तक पहले तक, हमारे यहां एक विषम धारणा थी कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़कों का विकास हमारे हित में नहीं है। समझा जाता था कि सीमा की सड़कें विपरीत परिस्थितियों में हमारा ही नुकसान कर सकती हैं। हमने इस धारणा को तोड़ा और सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास की नई राहें खुलीं। सिंह ने कहा प्रधानमंत्री नियमित रूप से इन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर रहें हैं और हर समय धन मुहैया को सुनिश्चित किया जा रहा है।

Rabindra Rai Editorial Incharge
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