धान की बंपर पैदावार की उम्मीद से किसानों के चेहरे खिले

उपलब्धि: लॉकडाउन में रेकॉर्ड रोपाई, 55 करोड़ लोगों को मिलेगी राहत

By: Rajendra Vyas

Published: 10 Sep 2020, 08:52 PM IST

सबसे बड़े उत्पादक राज्य बंगाल की कृषि योग्य 44 लाख हेक्टर जमीन में से 90 फीसदी से अधिक पर धान की रोपाई पूरी हो गई है। इसके साथ ही कोरोना काल में देश के करीब 14 करोड़ किसान परिवार, करीब 11 करोड़ खेतमजदूर, 12 करोड़ से अधिक बंटाईदार और खेती के काम से जुड़े 55 करोड़ लोगों को थोड़ी राहत मिली है। बंगाल के करीब 72 लाख समेत अन्य राज्यों के किसानों के चेहरे खिल उठे हैं।

रवीन्द्र राय
कोलकाता. वर्षा से कृषि के अनुकूल स्थिति बनने के चलते न केवल पश्चिम बंगाल बल्कि देश के सभी बड़े चावल उत्पादक राज्यों में इस बार धान की बम्पर पैदावार होने की उम्मीद है। पीएम नरेन्द्र मोदी ने खुद कहा है कि धान की रोपाई इस बार लगभग 10 प्रतिशत अधिक हुई है। सबसे बड़े उत्पादक राज्य बंगाल की कृषि योग्य 44 लाख हेक्टर जमीन में से 90 फीसदी से अधिक पर धान की रोपाई पूरी हो गई है। इसके साथ ही कोरोना काल में देश के करीब 14 करोड़ किसान परिवार, करीब 11 करोड़ खेतमजदूर, 12 करोड़ से अधिक बंटाईदार और खेती के काम से जुड़े 55 करोड़ लोगों को थोड़ी राहत मिली है। बंगाल के करीब 72 लाख समेत अन्य राज्यों के किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। बंगाल में एक जून से अब तक 1,150 मि.मी. से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। राज्य में आमतौर पर इस दौरान 1002.1 मि.मी. बारिश होती है। राज्य के कृषि विभाग के अधिकारियों के मुताबिक पूर्व मिदनापुर तथा पश्चिम मिदनापुर को छोड़कर धान उत्पादक लगभग सभी जिलों में समान रूप से बारिश हुई है। इससे किसानों को काफी सहूलियत मिली है।
खरीफ सीजन का बड़ा योगदान
राज्य में साल भर में करीब 155 लाख टन चावल का उत्पादन होता है, इसमें खरीफ सीजन का बहुत बड़ा योगदान है। केवल खरीफ सीजन में 110 लाख टन चावल का उत्पादन हो जाता है। यदि इस सीजन में उत्पादन कम होता है तो राज्य के लिए बड़ी समस्या खड़ी हो सकती थी।
60 लाख को मिला रोजगार
कृषि विभाग के मुताबिक करीब 60 लाख लोग खरीफ सीजन में कृषि कार्यों से जुड़ गए हैं। प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इनको रोजगार मिल गया है। यदि मौसम अनुकूल नहीं रहता तो लोगों को और भी असुविधा का सामना करना पड़ता। ऐसे में वैश्विक महामारी कोरोना के बीच अच्छी पैदावार लोगों के लिए वरदान साबित हो सकती है।
बड़े चावल उत्पादक राज्य
देश के पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, पंजाब, तमिलनाडु, आन्ध्र प्रदेश में चावल की पैदावार अधिक होती है।
झोली भर जाने की आस
31 अगस्त तक राज्य में धान की रोपाई की समयसीमा होती है। पूरे राज्य में अच्छी बारिश हुई है। इस बार भी धान से बंगाल की झोली भर जाने की आस है।
-डॉ. आशीष बनर्जी, कृषि मंत्री, पश्चिम बंगाल

Rajendra Vyas Editorial Incharge
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned