West Bengal: भीषण महाचक्रवात से महाविनाश का अंदेशा

भीषण चक्रवाती तूफान अम्फान धीरे-धीरे खतरनाक रूप लेता जा रहा है। इसके और करीब पहुंचते ही पश्चिम बंगाल के तटवर्ती जिलों में हल्की बारिश शुरू हो गई है। बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान का असर न केवल पश्चिम बंगाल और ओडिशा बल्कि बिहार और झारखंड में भी पड़ सकता है। मौसम विभाग के पूर्वी क्षेत्रीय निदेशक गणेश कुमार दास ने बताया कि 20 मई की शाम पश्चिम बंगाल के समुद्र तट से सुपर साइक्लोन टकराने की आशंका है

By: Rabindra Rai

Published: 19 May 2020, 07:33 PM IST

बुधवार शाम टकराएगा पश्चिम बंगाल के समुद्र तट से
सेना, वायुसेना के साथ एनडीआरएफ को किया अलर्ट
कोलकाता. भीषण चक्रवाती तूफान अम्फान धीरे-धीरे खतरनाक रूप लेता जा रहा है। इसके और करीब पहुंचते ही पश्चिम बंगाल के तटवर्ती जिलों में हल्की बारिश शुरू हो गई है। बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान का असर न केवल पश्चिम बंगाल और ओडिशा बल्कि बिहार और झारखंड में भी पड़ सकता है। मौसम विभाग के पूर्वी क्षेत्रीय निदेशक गणेश कुमार दास ने बताया कि 20 मई की शाम पश्चिम बंगाल के समुद्र तट से सुपर साइक्लोन टकराने की आशंका है। चक्रवात अम्फान पश्चिम बंगाल के दीघा और बांग्लादेश के हटिया द्वीप के बीच कहीं पर दस्तक दे सकता है। इसके अलावा चक्रवात राज्य के दक्षिण 24-परगना जिले के काकद्वीप और सागर द्वीप के बीच भी किसी स्थान पर 155 से 165 किमी प्रति घंटा की रफ्तार और अधिकतम 185 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दस्तक दे सकता है।
वर्तमान में चक्रवाती तूफान ओडिशा के पारादीप से दक्षिण में लगभग 570 किलोमीटर, बंगाल में दीघा (पश्चिम बंगाल) से दक्षिण-पश्चिम में 720 किलोमीटर और बांग्लादेश के खेपुपारा से 840 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम में बंगाल की खाड़ी में पश्चिम-मध्य क्षेत्र में केंद्रित है। 21 सालों के बाद कोई सुपर साइक्लोन भारत के तटीय इलाके से टकराने जा रहा है। इसको देखते हुए सेना, वायुसेना के साथ एनडीआरएफ को अलर्ट किया गया है।
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एयरलिफ्ट करने की भी तैयारी
एनडीआरआफ चीफ एस एन प्रधान ने बताया कि ये वक्त हमारे लिए बेहद चुनौतीपूर्ण है। 19 टीमें पश्चिम बंगाल में काम कर रही हैं। दो टीमें को बंगाल में रिजर्व में रखा गया है। हमने फोनी से सीख ली है और ऐसा पहली बार ऐसा हुआ है जब हम दोहरी आपदा से जूझ रहे हैं। कोरोना वायरस के साथ-साथ हमें इस भयंकर आपदा से भी जूझना पड़ रहा है। प्रधान ने कहा कि एयरलिफ्ट करने की भी तैयारी है। अगर जरूरत पड़ेगी तो तुरंत वायुसेना के विमान से टीमों को प्रभावित जगहों पर लाया जाएगा।
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1999 के बाद दूसरा सुपर साइक्लोन
मौसम विभाग के प्रमुख मृत्युंजय महापात्रा ने बताया है कि अम्फान साइक्लोन साल 1999 के बाद बंगाल की खाड़ी में आया दूसरा सुपर साइक्लोन है। इसकी हवा की रफ्तार 200 से 240 किलोमीटर प्रतिघंटा है और यह उत्तर और उत्तर पश्चिम दिशा की ओर से बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि जहां तक पश्चिम बंगाल की बात है, यहां पर उत्तर और दक्षिण 24 परगना और पूर्व मिदनापुर जिले साइक्लोन के असर से प्रभावित हो सकते हैं। इसके अलावा कोलकाता, हुगली, हावड़ा और पश्चिम मिदनापुर के इलाकों में हवा की रफ्तार काफी तेज हो सकती है।
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शाह ने ममता से की बात, बोले राहत को तैयार
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को केंद्र से आवश्यक सहायता का आश्वासन दिया। राज्य सचिवालय के सूत्रों ने कहा कि शाह ने मुख्यमंत्री को फोन किया और उनसे दक्षिण बंगाल के विभिन्न जिलों में की गई व्यवस्था के बारे में विस्तार से बात की। बताया जा रहा है कि शाह ने मुख्यमंत्री को बताया है कि केंद्र चक्रवाती तूफान से संबंधित सभी घटनाओं पर कड़ी नजर रख रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र राज्य सरकार को सभी राहत सामग्री प्रदान करने के लिए तैयार है।
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12 बजे से सुबह 10 बजे तक घरों में रहें-ममता
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तूफान के मद्देनजर बुधवार दोपहर 12 बजे से गुरुवार सुबह 10 बजे तक घरों में रहने की सलाह दी। उन्होंने बच्चों और वृद्ध लोगों पर विशेष नजर रखने की सलाह दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि तूफान से जिनके घरों को नुकसान होने की संभावना है, वह लोग सरकार के साथ सहयोग करें।
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3 लाख को राहत शिविरों में रखा
राज्य सचिवालय में चक्रवाती तूफान के मुद्दे पर आयोजित बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की ओर से तटवर्ती जिलों में नागरिकों और जान माल की सुरक्षा प्रदान करने का भरपूर प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक करीब 3 लाख लोगों को राहत शिविरों में ले जाया गया है। प्राकृतिक आपदा के वक्त राहत शिविरों में कोरोना संक्रमण का फैलाव ना हो इसके लिए राज्य सरकार ने पर्याप्त मात्रा में मास्क और सैनिटाइजर का प्रबंध किया है।
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हेल्पलाइन नंबर चालू
ममता ने कहा कि बुधवार को प्राकृतिक आपदा के वक्त वह खुद पूरी प्रशासनिक टीम के साथ सचिवालय नवान्न में मुस्तैद रहेंगी। राज्य सरकार ने 24 घंटे व्यापी हेल्पलाइन नंबर (033-2214-3526/1995) और टोल फ्री नंबर 1070 चालू किया है। स्थिति की समीक्षा के लिए कई जिलों में चौबीस घंटे कंट्रोल रूम खोले गए हैं। हर एक घंटे पर स्थिति पर नजर रखने के लिए कोलकाता नगर निगम (केएमसी) और कोलकाता पुलिस द्वारा कई कदम उठाए गए हैं। ।

Rabindra Rai Editorial Incharge
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