आखिर किसे खिलाने के लिए महिला ने लिया तीन लाख का लोन

- बैंक से 3 लाख कर्ज लेकर रोजाना 400 श्वानों को खिलाती खाना
- सब कुछ लुटाने के बाद भी नहीं थक रही महिला

- बंगाल के कल्याणी में महिला का अद्भुत पशु प्रेम
- दवा व इलाज का भी ख्याल रखती है नीलांजना

 

By: Vanita Jharkhandi

Updated: 30 Aug 2019, 04:06 PM IST

 

कल्याणी. पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के कल्याणी के बी ब्लॉक की रहने वाली एक महिला का अद्भुत पशु प्रेम सामने आया है। नीलांजना विश्वास नामक महिला रोजाना आस-पास के चार सौ श्वानों को खाना खिलाती है। इसके लिए उसने न सिर्फ अपने जेवर बेच दिए हैं, बल्कि बैंक से तीन लाख रुपए का लोन भी लिया है। महिला की इस नेक पहल की सराहना पूरा मोहल्ला कर रहा है।
शुरू से ही पशु-पक्षियों के प्रति स्नेह रखने वाली नीलांजना ने अपना बचपन खडग़पुर में गुजारा, क्योंकि वहां उसके पिता शिक्षक थे। शादी के बाद से वह कल्याणी में रह रही है। वह रोजाना भोजन तैयार करवाती हैं तथा इलााके से ढंूढ-ढूंढकर श्वानों को खाना खिलाती है। इस काम में एक टोटो चालक समेत दो लोग उसकी मदद करते हैं। शुरू में नीलांजना ने दो-चार श्वानों को खाना खिलाना शुरू किया, बाद में श्वानों की संख्या बढ़ती गई। इस कारण उसके सामने आर्थिक कठिनाई सामने आ गई। भोजन के साथ ही वह बीमार श्वानोंका इलाज भी कराती है। धीरे-धीरे करके उसने अब तक दो लाख रुपए के जेवर बेच दिए हैं। पैसे नहीं होने पर उसने बैंक से तीन लाख तीस हजार रुपए लोन लिया।

बाइक से घूमती तथा खिलाती खाना
महिला ने श्वानों के लिए खाना बनाने के लिए अलग रसोईघर बनाया है। वह बाइक से इधर-उधर घूमती है, जहां भी श्वान दिखताा उसे भोजन कराती है। मधुमेह और हाई प्रेशर से परेशान नीलांजना को इस बात की चिंता सता रही हैं कि उसके दुनिया में नहीं रहने पर इन 400 श्वानों का पेट कौन भरेगा? उसने कल्याणी नगर पालिका के पास इस सिलसिले में आवेदन किया, पर कोई जवाब नहीं मिला है।

इनका कहना है
बेशक महिला अच्छा काम कर रही है, पर हमारे पास मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। हम इस काम में महिला की मदद नहीं कर सकते हैं।

सुशील तालुकदार, चेयरमैन, कल्याणी नगरपालिका

Vanita Jharkhandi Reporting
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