अब बंगाल में एक रुपया सस्ता हुआ पेट्रोल-डीजल

अब बंगाल में एक रुपया सस्ता हुआ पेट्रोल-डीजल

MANOJ KUMAR SINGH | Publish: Sep, 11 2018 09:29:06 PM (IST) Kolkata, West Bengal, India

केन्द्र सरकार घटाए पेट्रोलियम पदार्थों पर से सेस-ममता

भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें लगातार बढ़ी हैं। इनकी कीमत कहा जा कर थमेगी कोई नहीं जानता है। यह आर्थिक आपदा केन्द्र सरकार के गलत आर्थिक प्रबंधन का नतीजा है। लोगों की सुविधा के लिए उनकी सरकार ने प्रति लीटर एक रुपए की कटौती की है। इससे पहले रविवार को राजस्थान सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर वैट 4 फीसदी कम किया, जबकि सोमवार को आंध्र प्रदेश ने पेट्रोल और डीजल की की कीमत 2 रुपए घटाने की घोषणा की।
कोलकाता
पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों के खिलाफ भारत बंद के दूसरे दिन पश्चिम बंगाल सरकार ने मंगलवार को पेट्रोल और डीजल पर प्रति लीटर एक रुपए की राहत दी। मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने केन्द्र सरकार से पेट्रोलियम पदार्थों पर से सेस घटाने की अपील की। 11 सितम्बर को कोलकाता में पेट्रोल के दाम 83.75 रुपए थे, जबकि डीजल के दाम 75.82 रुपए थे। अब इसमें 1 रुपए प्रति लीटर की कटौती की गई है। नई दरें मंगलवार आधी रात से लागू हो जाएंगी।
ममता ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें घटने के बावजूद एनडीए सरकार ने पेट्रोलियम पदार्थों पर एक के बाद एक नौ बार एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोतरी की है। इस कारण भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें लगातार बढ़ी हैं। इनकी कीमत कहा जा कर थमेगी कोई नहीं जानता है। यह आर्थिक आपदा केन्द्र सरकार के गलत आर्थिक प्रबंधन का नतीजा है। लोगों की सुविधा के लिए उनकी सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर प्रति लीटर एक रुपए की कटौती की है। इससे पहले रविवार को राजस्थान सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर वैट 4 फीसदी कम किया था, जबकि सोमवार को आंध्र प्रदेश ने पेट्रोल और डीजल पर कर में 2 रुपए घटाने की घोषणा की थी। ममता बनर्जी ने कहा कि हम केद्र सरकार से मांग करते हैं कि वो पेट्रोल और डीजल पर से सेस घटाए। ममता राज्य सचिवालय नवान्न से जाते समय संवाददाताओं से बातचीत कर रही थी। दूसरी ओर मर्चेन्ट चेम्बर ऑफ कामर्स एण्ड इंडस्ट्री ने राज्य सरकार की ओर से पेट्रोल और डीजल की कीमत में प्रति लीटर एक रुपए घटाने के फैसले का स्वागत किया। चेम्बर के रमेश अग्रवाल ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमत घटाना सही कदम है। राज्य सरकार ने सही समय पर सही कदम उठाया है।
सबसे पहले राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने चुनाव से पहले जनता को बड़ी राहत देते हुए पेट्रोल-डीजल पर वैट में चार फीसद की कमी करने की घोषणा की है। कांग्रेस के सोमवार को आयोजित बंद से एक दिन पहले रविवार को राजस्थान गौरव यात्रा में राजे ने यह घोषणा की थी। राजस्थान में पेट्रोल पर लगने वाले 30 फीसदी वैट को घटाकर 26 फीसद और डीजल पर लगने वाले 22 फीसदी वैट को घटाकर 18 फीसद किया गया है। इससे पेट्रोल-डीजल की कीमतों में करीब ढाई रुपये प्रति लीटर की कमी होगी। नई कीमत रविवार आधी रात से लागू हो गई और दाम घट गए। इससे सरकार के खजाने पर करीब 2000 करोड़ रुए का वित्तीय भार पड़ेगा।
इसके बाद आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्र बाबू नायडू ने सोमवार को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में दो रुपये की कटौती करने का एलान किया था। आंध्र प्रदेश में अब पेट्रोल-डीजल दो रुपये सस्ता मिलेगा। आंध्र प्रदेश में पेट्रोल पर 35.77 फीसदी वैट और डीजल पर 28.08 फीसदी वैट लगता था। वैट दरों में 4 प्रतिशत घटा कर राज्य ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 2 रुपये की कटौती की है। नई कीमत सोमवार आधी रात से लागू हो गई है। इससे आंध्र प्रदेश के राजस्व में 1120 करोड़ की कमी आएगी।
केन्द्र के कीमत घटाने से होगा विकास प्रभावित
पेट्रोल और डीजल पर फिलहाल केंद्रीय करों में कटौती के आसार नहीं हैं। सरकार सवा तीन सौ से अधिक वस्तुओं और सेवाओं पर जीएसटी की दरें घटाकर और आयकर में छूट के जरिये जनता को लगभग दो लाख करोड़ रुपये सालाना कर राहत दे चुकी है। ऐसे में खजाने की वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए केन्द्र सरकार के पास पेट्रोलियम उत्पादों पर कर में कटौती की गुंजाइश नहीं है। सूत्रों के अनुसार अभी केन्द्र की ओर से पेट्रोलियम उत्पादों पर प्रति लिटर एक रुपए कम करने पर केन्द्र सरकार को अनुमानीत 48 हजार करोड़ रुपए का घाटा होगा। इसका सीधा असर आर्थिक वृद्धि और देश के विकास कार्य पर पड़ेगा। पेट्रोल और डीजल पर राहत देने के लिए केन्द्र सरकार को विकास कार्यो पर होने वाले खर्च में कटौती करनी पड़ेगी।

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