15.5 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई पवित्र डुबकी

कोरोना काल में भी मकर संक्रांति के पावन पर्व पर पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के गंगा-सागर के तट पर गुरुवार को आस्था उमड़ पड़ी। शाम तक गंगा-सागर में 15.5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र डुबकी लगाई। देश के कोन-कोने से पहुंचे श्रद्धालुओं के चेहरे पर कोरोना की कोई चिंता नहीं दिखी। सागर संगम में डुबकी लगाकर पुण्य कमाने की आतुरता जरूर दिखी।

By: Rabindra Rai

Updated: 14 Jan 2021, 11:56 PM IST

मकर संक्रांति: कोरोना काल में भी गंगा सागर तट पर उमड़ी आस्था
2 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किया ई स्नान
सागरद्वीप .
कोरोना काल में भी मकर संक्रांति के पावन पर्व पर पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के गंगा-सागर के तट पर गुरुवार को आस्था उमड़ पड़ी। शाम तक गंगा-सागर में 15.5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र डुबकी लगाई। देश के कोन-कोने से पहुंचे श्रद्धालुओं के चेहरे पर कोरोना की कोई चिंता नहीं दिखी। सागर संगम में डुबकी लगाकर पुण्य कमाने की आतुरता जरूर दिखी। हालांकि विश्व प्रसिद्ध मेले पर कोरोना की छाया दिखी। पिछले साल के मुकाबले तीर्थयात्रियों की भीड़ कम रही। श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा और आस्था से मां गंगा और सिन्धु नरेश सागर को नमन किया, भगवान सूर्य को जल अर्पित किया। भगवान कपिलमुनि से आशीर्वाद लिया। मंदिर और मेला परिसर में हर हर गंगे की गूंज रही। राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश सहित अन्य क्षेत्रों से आए तीर्थयात्रियों ने गो दान किया। भिखारियों को भीख दी, दान-पुण्य किया।
राज्य के पंचायत मंत्री सुब्रत मुखर्जी ने शाम को संवाददाताओं को बताया कि मेला शुरू होने से लेकर गुरुवार शाम तक 15.5 लाख श्रद्धालुओं ने पवित्र डुबकी लगाई। मंत्री सुब्रत मुखर्जी के अलावा अरुप विश्वास और शोभनदेव चट्टोपाध्याय तथा कलक्टर डॉ. पी. उल्गानाथन के नेतृत्व में दक्षिण 24 परगना जिला प्रशासन के शीर्ष अधिकारी मुस्तैद देखे गए।
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ई स्नान प्रबंध
कोविड-19 महामारी के चलते हाईकोर्ट के निर्देश पर गंगासागर मेले में भीड़ से बचने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से किए गए ई स्नान प्रबंध के तहत अबतक देशभर के कम से कम 2,00,389 लोगों ने बगाल की खाड़ी में गंगा के संगम वाले स्थल का पवित्र जल प्राप्त किया है। मंत्री ने कहा कि ई-स्नान सुविधा को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने देश के किसी भी हिस्से में रह रहे व्यक्ति को 150 रुपए के मामूली शुल्क पर पवित्र जल एवं प्रसाद भेजने की व्यवस्था की। उन्होने कहा कि इसके अलावा 63,000 लोगों ने विभिन्न काउंटरों से बगाल की खाड़ी के संगम स्थल का पवित्र जल प्राप्त किया है।
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कुंभ के बाद दूसरा सबसे बड़ा समागम
हर साल देशभर से लाखों श्रद्धालु मकर संक्रांति के मौके पर पवित्र डुबकी लगाने के लिए सागर द्वीप पहुंचते हैं जो कोलकाता से करीब 130 किलोमीटर दूर है। श्रद्धालु गंगासागर मेले के दौरान कपिल मुनि के मंदिर प्रार्थना भी करते हैं। यह मेला कुंभ मेले के बाद दूसरा सबसे बड़ा समागम माना जाता है। इस साल 14 जनवरी को प्रात: छह बजकर दो मिनट से लेकर अगले 24 घंटे तक पवित्र डुबकी लगाने का समय तय किया गया है।

Rabindra Rai Editorial Incharge
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