गणगौर: आयो रे आयो रे आयो, मेलो यो महान

तीज्यों चोथ्यों मौज्यों होसी, पोंच्यों ने भसान
बड़ाबाजार से लेकर पूरे राज्य भर में दिख रही तैयारियां

By: Vanita Jharkhandi

Published: 04 Apr 2019, 02:54 PM IST

 

 

कोलकाता
आयो रे आयो रे आयो, मेलो यो महान

तीज्यों चोथ्यों मौज्यों होसी, पोंच्यों ने भसान....
गणगौर मेला आ गया साथ ही इंद्रधनुषी रंगों से आयोजनों का दौर भी शुरू हो गया है। बड़ाबाजार के साथ ही लेकटाउन, हिन्दमोटर, फूलबागान, लिलुआ, साल्टलेक आदि स्थानों पर गणगौर को पानी पिलाने की रस्म को पूरा करने तथा शोभायात्रा निकालने की तैयारियां जोरों पर शुरू हो गई है। बड़ाबाजार इलाके से विभिन्न मण्डलियां राजस्थान की तर्ज पर शोभायात्रा निकालने के साथ ही गीत-संगीत आदि प्रतियोगियां और प्रस्तुतियों के साथ ही जगह-जगह झांकियां भी दिखाई पड़ती हैं। खासियत होती है कि शोभायात्रा में शामिल भक्तगण राजस्थानी परिधान, पगडिय़ों व महिलाएं लहरिया व चुनड़ी साड़ी व पारम्परिक गहनों व हाथों में मेहन्दी लगाकर शोभायात्रा में शामिल होती हैं। इसके लिए घर-घर में गीतों की रचना हो रही है। गीतों का रियाज हो रहा है। जिससे माहौल काफी सुहाना हो गया है।

गणगौर को लाने का चल रहा है सिलसिला
हर सुहागनें और युवतियां अपने घर में गणगौर व ईसर जी को ला रही है। बहुत से घरों में पारम्परिक गणगौर होती है जो कि लकड़ी से तैयार होती है। हर वर्ष उसी को सजाया कर पूजन किया जाता है। ऐसे में महिलाएं गणगौर व ईसर जी के लिए परिधान सिलने व गहने में बनाने में जुटी है। इसमें सभी साथ मिलकर सोलह श्रृंगार किया जा रहा है।

सिंधारे का आयोजन
हर सुबह व शाम को गणगौर को पानी पिलाने पूजन हो रहा है। वही महिलाएं अलग-अलग स्थानों पर सिंधारे का आयोजन कर रही हैं। सभी सखियां गणगौर व ईसरजी को घूमाने ले जा रही हैं। सभी एक जगह पर मिलकर सारी गणगौर व ईसर जी के साथ गीत गाती है और खेलती है और कई सारे रंगारंग कार्यक्रम भी हो आयोजित किए जा रहे हैं।

Vanita Jharkhandi Reporting
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