रेत व कोयला माफियाओं से निपटने के लिए सरकार ने बदली नीति

कैबिनेट बैठक : स्थानीय प्राकृतिक संपदाओं की लूट बर्दाश्त नहीं : ममता

By: MOHIT SHARMA

Published: 23 Jul 2021, 12:41 AM IST

कोलकाता. सीबीआई और ईडी की ओर से पश्चिम बंगाल में कोयला तस्करी मामले की जांच किए जाने के बाद राज्य की ममता बनर्जी की सरकार ने रेत और कोयले के अवैध व्यापार पर अंकुश लगाने के लिए नीति बदलने का फैसला किया। गुरुवार को राज्य सचिवालय नवान्न में कैबिनेट की बैठक के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्राकृतिक संसाधनों को बचाने के लिए रेत खनन नीति शुरू करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि कैबिनेट की बैठक में विस्तृत चर्चा के बाद बालू खनन नीति लागू करने का फैसला किया गया है। खनन संबंधित फैसले लेने का जिम्मा खनिज खनन निगम को सौंपने का फैसला किया गया है जो पहले उत्खनन की जिम्मेदारी संबंधित जिलाधिकारी के हाथ में थी। इस बार उन्हें उस जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया। उन्होंने कहा कि इस कदम का उद्देश्य किसी को भी खनिज संसाधनों की नीलामी से अतिरिक्त धन को अवैध रूप से लूटने से रोकना है।
उन्होंने बताया कि स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों की लूट कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब से अगर किसी को रेत या कोयला चोरी की खबर मिलती है तो वह सरकार से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकता है। उक्त शिकायत पर सरकार कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि पता चला है कि कुछ बेईमान व्यापारी खनन नीलामी से अतिरिक्त लाभ कमा रहे हैं। यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी और पार्टी के अन्य नेताओं पर कोयला घोटाले का आरोप है।

घर के निकट पोस्टिंग के लिए उत्सश्री
बैठक में कैबिनेट ने शिक्षकों के लिए उत्सश्री पोर्टल शुरू करने पर अपना मुहर लगा दिया। इसे जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा। अपने घर के पास या गृह जिले में तबादला कराने के इच्छुक शिक्षक इस पोर्टल के जरिए आवेदन कर सकते हैं। शिक्षा विभाग शिक्षकों के आवेदनों पर विचार करेगा और स्थिति और सुविधा को ध्यान में रखते हुए शिक्षकों के मनपसंद जगह तबादला करेगा। ममता बनर्जी ने कहा कि उन्होंने पहले शिक्षकों को उनके घर-घर के निकट तबादला करने का वादा किया था। उसे वे पूरा कर रही हैं। लेकिन एक साथ दस शिक्षक एक जगह तबादला चाहेंगे तो नहीं होगा।

1 सितंबर से शुरू होगी लक्ष्मी भंडार योजना
मुख्यमंत्री ने बताया कि बैठक में लक्ष्मी भंडार योजना शुरू करने का फैसला किया गया। यह योजना आगामी एक सितंबर से शुरू होगी। इसके तहत महिलाओं को स्वावलंबी करने के लिए आर्थिक मदद दी जाएगी। योजना के 25 से 60 साल की उम्र की सभी महिलाओं को आर्थिक मदद दी जाएगी। यहां तक कि अस्थाई काम करने वाली महिलाओं को योजना का लाभ मिलेगा लेकिन इसका लाभ उन महिलाओं को नहीं मिलेगा जो स्थाई नौकरी करती हैं या पेंशन पा रही हैं।

16 अगस्त शुरू होगा फिर से दुआरे सरकार
उन्होंने बताया कैबिनेट ने फिर से 16 अगस्त से दुआरे सरकार योजना चलाने का फैसला किया है जो 15 सितंबर तक चलेगा। सरकार विभिन्न माध्यमों के जरिए विज्ञापन देकर लोगों की सूचना देगी। स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, स्वास्थ्य साथी, खाद्य साथी के साथ ही कृषक बंधु, लक्ष्मी भंडार सहित अन्य योजनाओं के लाभ पाने के लिए लोग नियमों का पालन करते हुए आवेदन कर सकते हैं।

MOHIT SHARMA
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