Good News: इस राज्य के सरकारी कर्मचारी अब हो जाएंगे मालामाल

Good News: इस राज्य के सरकारी कर्मचारी अब हो जाएंगे मालामाल

Rabindra Rai | Publish: Jul, 26 2019 08:03:42 PM (IST) Kolkata, Kolkata, West Bengal, India

State administrative tribunal (sat) ने शुक्रवार को अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में West Bengal Government को निर्देश दिया कि सरकार अपने कर्मचारियों को Central government employees के समान dearness allowance दे। सैट के इस फैसले से कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

कोलकाता
राज्य प्रशासनिक न्यायाधीकरण (सैट) ने शुक्रवार को अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में पश्चिम बंगाल सरकार को निर्देश दिया कि सरकार अपने कर्मचारियों को केन्द्र सरकार के कर्मचारियों के समान महंगाई भत्ता दे। सैट के इस फैसले से कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। कर्मचारी लंबे समय से इसकी मांग कर रहे थे। इस मुद्दे पर कांग्रेस समर्थित कर्मचारी संगठन ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। न्यायाधीकरण के दो सदस्यीय जज ने केन्द्रीय कर्मचारियों के समान महंगाई भत्ता देने का निर्देश दिया। सैट ने कहा कि अनियमित रूप से महंगाई भत्ता देने के कारण कर्मचारियों को भारी नुकसान पहुंचा है। इसलिए इन अवधि के दौरान जो महंगाई भत्ता बकाया है कि उसे एक साल के भीतर देना होगा। कांग्रेस कर्मचारी संगठन के अधिवक्ता सरदार अमजद अली ने बताया कि सैट ने कहा कि महंगाई भत्ते का वितरण कैसे होगा? राज्य सरकार को तीन माह के भीतर इसकी रुपरेखा तैयार कर लेनी होगी। 6 माह के भीतर इस संबंध में अधिसूचना जारी करनी होगा और बकाया राशि साल भर के भीतर देनी होगी। सैट ने यह भी कहा है कि छठा वेतन आयोग लागू करने से पहले ही महंगाई भत्ते का भुगतान कर देना होगा। केन्द्र सरकार जिस प्रकार ऑल इंडिया कंज्यूमर्स प्राइस इंडेक्स के तहत महंगाई भत्ता देती है उसी प्रकार राज्य सरकार को भी देना होगा। अपने फैसले के दौरान सैट ने कहा कि चेन्नई, दिल्ली, मुंबई में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए अलग महंगाई भत्ता निर्धारित कर सरकार ने संविधान की धारा-14 का उल्लंघन किया है।
डीए देने में आपत्ति नहीं, पर कहां से आएगा धन-ममता
सैट के फैसले पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि कर्मचारियों को डीए देने में उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, पर सरकार के पास इतना धन कहां से आएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को चालू वित्त वर्ष के दौरान 56,000 करोड़ रुपए बतौर ब्याज चुकाना है। राज्य सरकार के कर्मचारियों की वेतन वृद्धि से संबंधित छठे वेतन आयोग की सिफारिशें भी शीघ्र आने वाली है। सीएम ने साफ किया कि केंद्र की भांति डीए देना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार कर नहीं लगाएगी, बिजली शुल्क नहीं बढ़ाएगी, पानी पर टैक्स नहीं लगाएगी, नि:शुल्क चिकित्सा, नि:शुल्क शिक्षा और सस्ते में राशन देगी। इतना धन कहां से आएगा। सरकार कैसे चलेगी।

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned