West Bengal : विपक्ष के हंगामे के बीच अधूरा अभिभाषण छोड़ सदन से चले गए राज्यपाल

अभिभाषण को लेकर राज्यपाल जगदीप धनखड़ और राज्य सरकार में टकराव के बाद शुक्रवार को विपक्ष के हंगामे के साथ ममता बनर्जी की तीसरी सरकार का पहला बजट अधिवेशन शुरू हो हुआ। चुनाव बाद हिंसा के मुद्दे को लेकर विपक्ष के विरोध-प्रदर्शन के बीच राज्यपाल अपना अभिभाषण अधूरा छोड़कर सदन से चले गए, जिसे जो बंगाल विधानसभा के इतिहास में अभूतपूर्व घटना माना जा रहा है।

By: Manoj Singh

Published: 03 Jul 2021, 12:53 AM IST

टकराव के बाद समन्वय और सौहार्द के साथ मुख्यमंत्री और स्पीकर ने धनखड़ का किया स्वागत
कोलकाता
अभिभाषण को लेकर राज्यपाल जगदीप धनखड़ और राज्य सरकार में टकराव के बाद शुक्रवार को विपक्ष के हंगामे के साथ ममता बनर्जी की तीसरी सरकार का पहला बजट अधिवेशन शुरू हो हुआ। चुनाव बाद हिंसा के मुद्दे को लेकर विपक्ष के विरोध-प्रदर्शन के बीच राज्यपाल अपना अभिभाषण अधूरा छोड़कर सदन से चले गए, जिसे जो बंगाल विधानसभा के इतिहास में अभूतपूर्व घटना माना जा रहा है।
इस दिन राज्यपाल सौजन्य और सौहार्दपूर्ण माहौल में दोपहर 1.50 बजे विधानसभा पहुंचे, जहां पहले से ही उपस्थित पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उनकी अगुआई की और विधानसभा अध्यक्ष विमान बनर्जी ने राज्यपाल को अपनी कुर्सी पर बैठाया। लेकिन जैसे ही राज्यपाल अपना अभिभाषण पढ़ना शुरू किया वैसे ही नेता प्रतिपक्ष शुभेन्दु अधिकारी और विपक्षी दल के विधायकों ने बजट अभिभाषण में विधानसभा चुनाव बाद बंगाल में हुई हिंसा का जिक्र नहीं होने के विरोध में जबरदस्त शोर-गुल करने लगे। विपक्ष के विरोध के बीच चार मिनट अभिभाषण पढ़ने के बाद राज्यपाल अधूरा अभिभाषण छोड़कर सदन से चले गए। हालांकि उन्होंने इस पर अपनी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
भाजपा ने किया बहिष्कार
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कहा कि वे जिम्मेवार विरोधी दल की भूमिला निभाना चाहते थे। लेकिन सरकार ने राज्यपाल के अभिभाषण में चुनाव बाद बंगाल में हुई हिंसा का जिक्र नहीं विपक्ष को ऐसा करने से रोक दिया। इसका विपक्ष ने विरोध और सदन का बहिष्कार किया। राज्य सरकार कह रही है कि होने का विरोध किया है। राज्य सरकार कहती हैं कि हिंसा के दौरान राज्य चुनावा आयोग के नियंत्रण था। जब से तृणमूल कांग्रेस की नई सरकार बनने के बाद से राज्य में कोई हिंसा नहीं हुई है।
सदन में गूंजा जय श्रीराम और जय बांगला के नारे
अभिभाषण में चुनाव बाद हिंसा का जिक्र नहीं करने के विरोध में भाजपा विधायकों ने विधानसभा में हिंसा की तस्वीरों वाली तख्तियां हवा में लहराते हुए वेल में जाकर विरोध प्रदर्शन किया और जय श्रीराम के नारे लगाए। वे सरकार पर राज्य में हुई हिंसा पर पर्दा डालने का आरोप लगा रहे थे। इसके जवाब में तृणमूल के विधायक भी जय बांग्ला के नारे लगाए। राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान जैसे ही भाजपा विधायक नारे लगाना शुरु किया तभी राज्य की मंत्री शशी पांजा और चंद्रिमा भट्टाचार्य खड़ी होकर जय बांग्ला के नारे लगाने लगी।
मुख्यमंत्री और स्पीकर ने की आगवानी
राज्यपाल के विधानसभा पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने उनका आगवानी की। उनके साथ विधानसभा परिसर में स्थापित डॉ भीमराव अंबेडकर की मूर्ति पर माला चढ़ाया और उन्हें सदन में ले गईं। बीच में अधूरा अभिभाषण छोड़ कर जाने के दौरान मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष उन्हें सदन के बाहर गाड़ी तक छोड़ने गएं। गाड़ी में सवार होने से पहले राज्यपाल ने कुछ देर मुख्यमंत्री से बातचीत की।
क्या है अभिभाषण में
ममता बनर्जी सरकार की योजनाओं के गुणगान से भरे कुल 18 पन्न के राज्यपाल के अभिभाषण के 13वें पन्ने पर किसी का नाम उल्लेख किए बगार लिखा गया है कि समाज का एक वर्ग औैर कुछ लोग फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर राज्य के लोगों को भ्रमित कर समाज को बांटने की कोशिश कर रहे हैं। राज्य सरकार हिंसा विरोधी है। ऐसे करने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी। इस दिशा में काम शुरू करते हुए सरकार ने 93 मामले दर्ज की और 400 पोस्ट ब्लॉक किए गए हैं। सरकार इससे समझौता नहीं करेगी।

Show More
Manoj Singh Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned