scriptGreen crackers can be burst in Bengal: Supreme Court | बंगाल में फोड़े जा सकेंगे ग्रीन पटाखे: सुप्रीम कोर्ट | Patrika News

बंगाल में फोड़े जा सकेंगे ग्रीन पटाखे: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में भी दीपावली, काली पूजा, छठ समेत अन्य त्योहारों पर ग्रीन पटाखे फोडऩे और बेचने की अनुमति दे दी। कलकत्ता हाईकोर्ट के बंगाल में पटाखों पर लगाए गए प्रतिबंध के आदेश को निरस्त कर दिया है।

कोलकाता

Published: November 02, 2021 12:30:28 am

कलकत्ता हाईकोर्ट का फैसला निरस्त
कोलकाता/नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में भी दीपावली, काली पूजा, छठ समेत अन्य त्योहारों पर ग्रीन पटाखे फोडऩे और बेचने की अनुमति दे दी। कलकत्ता हाईकोर्ट के बंगाल में पटाखों पर लगाए गए प्रतिबंध के आदेश को निरस्त कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट की अवकाशकालीन पीठ के न्यायाधीश एएतम खलविनकर व अजय रस्तोगी ने सोमवार को यह आदेश दिया। शीर्ष अदालत ने यह भी कहा है कि राज्य में प्रतिबंधित पटाखे नहीं फोड़े जा सकेंगे। शीर्ष अदालत के फैसले से पटाखा व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है।
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फैसले को दी गई थी चुनौती
कलकत्ता हाईकोर्ट के हर प्रकार के पटाखों पर रोक लगाने के आदेश को पटाखा व्यापारियों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सोमवार को सुनवाई के दौरान पटाखा व्यापारियों के अधिवक्ताओं ने अदालत से कहा कि शीर्ष अदालत ने ग्रीन पटाखे फोडऩे की अनुमति दी है वहीं कलकत्ता हाईकोर्ट ने एकतरफा फैसला सुनाया है। जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट को सभी पक्षों की बात सुनकर ही इस तरह का कड़ा फैसला करना चाहिए। पटाखों पर पूरी तरह प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता है। उनके दुरुपयोग रोकने का तंत्र विकसित करने की आवश्यकता है।
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खुला है हाईकोर्ट का दरवाजा
सुप्रीम कोर्ट ने पटाखे पर प्रतिबंध की याचिका लगाने वालों से कहा कि उनके पास यदि ग्रीन पटाखों से होने वाले नुकसान का सबूत हो तो वे कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं।
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दो घंटे की मोहलत
राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने विभिन्न त्योहारों के लिए पटाखे फोडऩे के समय की पहले ही घोषणा की थी। जिसके मुताबिक दिवाली, कालीपूजा की रात आठ से 10, छठ की सुबह छह से आठ बजे तक पटाखे फोड़े जा सकेंगे।
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बंगाल में फोड़े जा सकेंगे ग्रीन पटाखे: सुप्रीम कोर्ट
बंगाल में फोड़े जा सकेंगे ग्रीन पटाखे: सुप्रीम कोर्ट
पटाखा निर्माण हब नुंगी में खुशी की लहर
कोलकाता. सुप्रीम कोर्ट के पटाखे पर प्रतिबंध संबंधी कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश को निरस्त किए जाने से दक्षिण 24 परगना जिले के पटाखे निर्माण हब नुंगी में पटाखे व्यवसायियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। नुंगी के कारोबारियों में खुशी का माहौल है। मिठाई खाने खिलाने की बारी चल रही है। व्यापारियों ने आम लोगों से अनुरोध किया है कि केवल पर्यावरण के अनुकूल पटाखे खरीदे और चलाएं। पटाखे व्यापारियों के संघ ने भी स्पष्ट कर दिया है कि नुंगी पटाखा बाजार में पर्यावरण के अनुकूल के अलावा अन्य कोई पटाखे नहीं बेचे जाएंगे।
नुंगी पटाखा बाजार के व्यापारी पीयूष मैत्रा ने कहा कि हम डरे हुए थे। मैंने सोचा कि शायद इस बार हमें पटाखे पानी में फेंकने पड़ेंगे। हममें से बहुत सामान गिरवी रखकर उधार लेकर काम कर रहे थे। हमें लगा था कि सब चला जाएगा। लेकिन शीर्ष अदालत ने हमारी सुन ली। हम पर्यावरण को कोई नुकसान न हो इसका पूरा ध्यान रखकर पटाखे बनाएंगे और बेचेंगे।
फायर वर्कर्स ट्रेडर्स एसोसिएशन के एक पदाधिकारी सुखदेव नस्कर ने कहा कि व्यापारियों ने पर्यावरण के अनुकूल आतिशबाजी बनाई है। बेरियम को छोड़कर पटाखे बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

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