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कोलकाता

पश्चिम बंगाल के जूट क्षेत्र में बढ़ता संकट, कई चुनौतियों का सामना कर रहे मिल मालिक

पश्चिम बंगाल के जूट क्षेत्र में संकट बढ़ता जा रहा है। मिल मालिक कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। सरकार की ओर से मिलने वाले ऑर्डरों में लगातार कमी आ रही है। अपर्याप्त खरीद अनुबंधों और आपूर्ति आदेशों के कारण मिल मालिकों को उत्पादन में कटौती करनी पड़ रही है। जूट उद्योग की मंदी का लाखों श्रमिकों पर असर पड़ रहा है।

कोलकाताJul 03, 2024 / 08:18 pm

Rabindra Rai

पश्चिम बंगाल के जूट क्षेत्र में बढ़ता संकट, कई चुनौतियों का सामना कर रहे मिल मालिक

पश्चिम बंगाल के जूट क्षेत्र में बढ़ता संकट, कई चुनौतियों का सामना कर रहे मिल मालिक

मिलने वाले ऑर्डरों में लगातार आ रही है कमी

पश्चिम बंगाल के जूट क्षेत्र में संकट बढ़ता जा रहा है। मिल मालिक कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। सरकार की ओर से मिलने वाले ऑर्डरों में लगातार कमी आ रही है। अपर्याप्त खरीद अनुबंधों और आपूर्ति आदेशों के कारण मिल मालिकों को उत्पादन में कटौती करनी पड़ रही है। जूट उद्योग की मंदी का लाखों श्रमिकों पर असर पड़ रहा है।

मिल प्रबंधन से मुलाकात करेंगे मंत्री

राज्य के श्रम मंत्री मलय घटक जूट क्षेत्र में बढ़ते संकट के समाधान को लेकर गुरुवार को जूट मिल प्रबंधन से मुलाकात करेंगे।
यूनियनों और मिल मालिकों ने मौजूदा चुनौतियों से निपटने के लिए राज्य सरकार से हस्तक्षेप की अपील की है।
जूट मिलों की ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधियों ने घटक से मुलाकात की और सरकार की ओर से मिलने वाले ऑर्डरों में कमी पर चर्चा की।

यूनियन प्रतिनिधियों ने जताई चिंता

यूनियन प्रतिनिधियों ने जूट आयुक्त कार्यालय से अपर्याप्त खरीद अनुबंधों और आपूर्ति आदेशों के कारण उत्पादन में कटौती के बारे में बताया और उद्योग की मंदी एवं श्रमिकों पर इसके प्रभाव पर गहरी चिंता व्यक्त की।
भारतीय जूट मिल्स एसोसिएशन के एक वरिष्ठ सदस्य ने कहा कि हमारी गुरुवार को राज्य के श्रम मंत्री से मुलाकात के दौरान इन चिंताओं को दोहराने की योजना है।

इस कारण संकट का सामना

जूट उद्योग को अत्यधिक उत्पादन और विशेषकर खाद्यान पैकेजिंग समेत अन्य कारणों से जूट की बोरियों की घटती मांग के चलते संकट का सामना करना पड़ रहा है। 2021-22 में वार्षिक मांग 38-39 लाख गांठ से घटकर 2024-25 में अनुमानित 30 लाख गांठ रह गई है। इस कारण अधिशेष क्षमता और नौकरियों में कमी आई है।

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