एक महीने में भारती घोष मामले की जांच रिपोर्ट पेश करे सीआइडी

एक महीने में भारती घोष मामले की जांच रिपोर्ट पेश करे सीआइडी

MANOJ KUMAR SINGH | Publish: Sep, 03 2018 11:10:50 PM (IST) Kolkata, West Bengal, India

कलकत्ता हाईकोर्ट का निर्देश

न्यायाधीश जयमाल्य बागची और आरके कपूर की खण्ड पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए सीआइडी से कहा कि भारती घोष और उसके पति एमएवी राजू के खिलाफ मामले की चल रही जांच की प्रगति रिपोर्ट एक अक्टूबर को कोर्ट में पेश करें। उक्त खण्ड पीठ ने यह निर्देश राजू की जमानत याचिका की सुनवाई करने के दौरान दिया।

कोलकाता.
कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार को पूर्व आइपीएस अधिकारी भारती घोष के खिलाफ रंगदारी वसूली के मामले की जांच कर रही सीआइडी से एक महीने के भीतर जांच की प्रगति रिपोर्ट देने को कहा है। न्यायाधीश जयमाल्य बागची और आरके कपूर की खण्ड पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए सीआइडी से कहा कि भारती घोष और उसके पति एमएवी राजू के खिलाफ मामले की चल रही जांच की प्रगति रिपोर्ट एक अक्टूबर को कोर्ट में पेश करें। उक्त खण्ड पीठ ने यह निर्देश राजू की जमानत याचिका की सुनवाई करने के दौरान दिया। दूसरी ओर मिदनापुर की अदालत ने भारती घोष को 9 सितंबर को कोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया है। साथ ही भारती घोष की सम्पत्ति कुर्क करने का निर्देश दिया है। साथ ही उक्त कोर्ट ने घोष और राजू की जप्त संपत्ति को सरकारी कोष में जमा कराने का भी निर्देश दिया है।

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आरबीआई के कर्मी सामूहिक छुट्टी पर आज से

बैंक प्रबंधन से यूनियन में मतभेद होने पर कर्मियों ने किया फैसला
कोलकाता

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के कर्मी मंगलवार से दो दिन सामूहिक छुट्टी पर जा रहे हैं। बैंक प्रबंधन और यूनियन में मतभेद होने पर यूनाईटेड फोरम ऑफ रिजर्व बैंक ऑफिर्स एण्ड एम्प्लाईज (यूएफआरबीओइ) ने यह फैसला किया है। संगठन की ओर से सोमवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि आरबीआई के उच्च स्तरीय प्रबंधन और यूनियन में लगातार हुई अनेक बैठक के बाद मतभेद होने पर फोरम ने जनवरी 2019 के प्रथम सप्ताह की जगह चार और पांच सितंबर को सामूहिक छुट्टी पर जाने का फैसला किया है। आरबीआई के कर्मियों के लगातार दो दिन छुट्टी पर रहने के कारण केन्द्रीय बैंक के साथ ही देश के प्रमुख लेंडर बैंकों का संचालन प्रभावित होगा।
यूएफआरबीओइ ने कंट्रीब्यूटरी प्रोविडेंट फंड (सीपीएफ) वाले कर्मियों को पेंशन और अतिरिक्त प्रोविडेंट फंड (एपीएफ) का विकल्प देने की मांग पर सामूहिक छुट्टी जाने का फैसला किया है। फोरम ने मांग की है कि आरबीआई में वर्ष 2012 से नियुक्त किए गए कर्मियों को उक्त उक्त सुविधाएं दी जाएं।

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