आधार पर हाईकोर्ट ने केंद्र को फटकारा

कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को आधार कार्ड के मुद्दे पर केंद्र सरकार को जमकर फटकार लगाई

By: शंकर शर्मा

Published: 10 Nov 2017, 05:44 AM IST

कोलकाता. कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को आधार कार्ड के मुद्दे पर केंद्र सरकार को जमकर फटकार लगाई। सेरेब्रल पालसी से ग्रस्त एक व्यक्ति ने आधार कार्ड नहीं मिलने पर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अदालत ने केंद्र से कहा कि वह १३ नवम्बर को इससे संबंधित कागजात पेश करे।

याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश देवांशु बसाक ने केंद्र सरकार की भत्र्सना की। अदालत ने सवाल किया कि संबंधित अधि कारी क्यों नहीं बीमार व्यक्ति के घर जाकर आधार कार्ड बनाएंगे। न्यायाधीश ने कहा कि आधार कार्ड के लिए लोगों को क्यों हाई कोर्ट आना पड़ेगा। केंद्र सरकार तो सब कुछ में आधार को बाध्यता करने की बात कह रही है। केंद्र दिसम्बर तक आधार लिंक करने की बात कह रहा है तब आवेदन करने पर लोगों को क्यों नहीं आधार मिल रहा है।


एक दिन में बनाने का आदेश दे तो गलत नहीं
हाईकोर्ट ने सवाल किया कि एक तरफ केंद्र कह रहा है कि आधार नहीं रहने पर नागरिक जनकल्याण योजनाओं का लाभ पाने से वंचित हो जाएंगे। केंद्र के उक्त निर्देश के मद्देनजर न्यायाधीश ने सवाल किया कि केंद्रीय एजेंसी को अगले एक दिन के भीतर आधार कार्ड बनाने का आदेश दिया जाए तो इसमें कोई गलती नहीं होगी। कारण केंद्र इसे खुद बाध्यता करने की बात कह रहा है।

आधार के लिए क्यों आना पड़ेगा कोर्ट
न्यायाधीश बसाक ने सवाल किया कि एक बीमार व्यक्ति को आधार के लिए क्यों हाईकोर्ट आना पड़ेगा? दक्षिण कोल काता के बेहला के सनत मैत्रा नामक व्यक्ति ने आधार के लिए हाईकोर्ट से न्याय की गुहार लगाई। अदा लत ने कहा कि आधार का काम करने वाली केंद्र की एजेंसी व संबंधित अधिकारी का यह कर्तव्य है कि वह उस व्यक्ति के घर जाकर आधार कार्ड बना दे। केंद्रीय संस्था ऐसा न कर दो महीने का वक्त मांग रही है।

शंकर शर्मा
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