हिलियम गैस से होगा महानगर में जल प्रबंधन

Shankar Sharma

Publish: Nov, 14 2017 10:30:37 PM (IST)

Kolkata, West Bengal, India
हिलियम गैस से होगा महानगर में जल प्रबंधन

महानगर में पानी की बर्बादी हिलियम गैस की मदद से रोकी जाएगी। कोलकाता नगर निगम नई तकनीक की मदद से इस व्यवस्था को शुरू करने जा रहा है

कोलकाता. महानगर में पानी की बर्बादी हिलियम गैस की मदद से रोकी जाएगी। कोलकाता नगर निगम नई तकनीक की मदद से इस व्यवस्था को शुरू करने जा रहा है। इसकी शुरुआत काशीपुर इलाकें से होगी।


उत्तर कोलकाता में पानी की बर्बादी बहुत होती है जबकि दक्षिण व पूर्व कोलकाता में पानी की बहुत किल्लत है। देश भर में प्रति व्यक्ति 200 लीटर पानी की आवश्यकता होती है लेकिन उत्तर कोलकाता में दिन भर पानी की आपूर्ति होती है। वहीं, दक्षिण व पूर्व कोलकाता में 200 लीटर परिशुद्ध पानी नहीं मिल पाता है।

एशियन डेवलपमेंट बैंक की ओर से निगम को पानी की बर्बादी को रोकने के लिए फंड आवंटित किया गया है। उस फंड की मदद से निगम महानगर में पानी की बर्बादी रोकने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है। निगम की ओर से हिलियम गैस की मदद से पानी का प्रबंधन होगा। निगम के अधिकारी ने बताया कि उस गैस से निगम को पाइपों में लीकेज की जानकारी मिलेगी। निगम इसके लिए एक निजी कम्पनी के साथ समझौता करने जा रहा है। उक्त कम्पनी निगम को तकनीकी मदद करेगी जिससे निगम यह पता कर पाएगा कि जमीन के नीचे कहां पाइप में लीकेज है और कहां से पानी की बर्बादी हो रही है।


24 घंटे पेयजल आपूर्ति का लक्ष्य
मेयर शोभन चटर्जी ने बताया कि महानगर के प्रत्येक इलाके में 24 घंटे शुद्ध पेयजल की आपूर्ति करने का लक्ष्य है। उसी लक्ष्य के तहत इस तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। फिलहाल शुरुआत टाला पम्पिंग स्टेशन के नजदीकी क्षेत्र काशीपुर से होगी। इसकी सफलता के बाद पूरे महानगर में यह व्यवस्था शुरू की जाएगी।

शिक्षण संस्थानों के आसपास तम्बाकू बेचने पर लगेगा जुर्माना
पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में सभी शिक्षण संस्थानों को उनके परिसरों के आसपास 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पाद बेचने वाले पर 200 रुपए जुर्माना लगाने को कहा है। राज्य के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने बताया कि हमने राज्य के सभी विद्यालयों और महाविद्यालयों में एक परिपत्र भेजा है और संस्थानों के प्रमुखों से अनुरोध किया है कि वर्ष 2008 में उच्चतम न्यायालय द्वारा दिए गए आदेश का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति पर जुर्माना लगाया जाए।


मंत्री ने बताया कि शिक्षण संस्थानों को यह भी आदेश दिया गया है कि वे निरीक्षकों को एक हलफनामा दें जिसमें संस्थान को तंबाकू मुक्त घोषित किया गया हो। चटर्जी ने कहा कि हम चाहते हैं कि शिक्षण संस्थानों के प्रमुख सुनिश्चित करें कि परिसर के अंदर कोई भी तंबाकू के उत्पादों का सेवन न करें। उन्हें यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि वहां सिगरेट, बीड़ी की राख, तंबाकू के खाली पैकेट या थूकने के निशान न हों।

 

 

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