scriptI can't be a part of such circus: Judge | Kolkata: मैं ऐसे सर्कस का हिस्सा नहीं बन सकता: जज | Patrika News

Kolkata: मैं ऐसे सर्कस का हिस्सा नहीं बन सकता: जज

वर्चुअल सुनवाई के दौरान बार-बार कनेक्टिविटी की समस्या पर कलकत्ता हाईकोर्ट के जस्टिस इतने नाराज हुए कि उन्होंने न सिर्फ अधिकारियों को फटकार लगाई, बल्कि कारण बताओ नोटिस तक जारी कर दिया। उन्होने यहां तक कह दिया कि ये सर्कस है और मैं इस सर्कस का हिस्सा नहीं बन सकता ।

कोलकाता

Published: July 18, 2021 12:02:35 am

वर्चुअल सुनवाई में बाधा पर हाईकोर्ट के जस्टिस की कड़ी टिप्पणी
बार-बार लिंक विफलता को लेकर स्पष्टीकरण मांगा
कोलकाता. वर्चुअल सुनवाई के दौरान बार-बार कनेक्टिविटी की समस्या पर कलकत्ता हाईकोर्ट के जस्टिस इतने नाराज हुए कि उन्होंने न सिर्फ अधिकारियों को फटकार लगाई, बल्कि कारण बताओ नोटिस तक जारी कर दिया। उन्होने यहां तक कह दिया कि ये सर्कस है और मैं इस सर्कस का हिस्सा नहीं बन सकता ।
जस्टिस सब्यसाची भट्टाचार्य ने कहा कि वर्चुअल सुनवाई को मजाक बना दिया है। यह जनता को दिखाने के लिए एक सर्कस मात्र बन गया है। मैं ऐसे सर्कस का हिस्सा नहीं बन सकता। उन्होंने तंग आकर कनेक्टिविटी के प्रभारी अधिकारी को फोन किया और उन्हें बार-बार लिंक विफलता को लेकर स्पष्टीकरण मांगा। वर्चुअल सुनवाई लगभग 11.10 बजे शुरू हुई और लगभग 15 बार बाधित हुई।
--
खाली स्टेज पर शो नहीं
जस्टिस भट्टाचार्य ने कहा कि जब तक नेट समस्या का पूरी तरह से समाधान नहीं हो जाता, मैं खाली स्टेज पर शो आयोजित करने के लिए अदालत में नहीं बैठूंगा। उन्होंने वर्चुअल सुनवाई वाले सेटअप के प्रभारी और हाईकोर्ट के अधिकारियों से नाराजगी जाहिर की। प्रभारी को नोटिस भी जारी किया। नोटिस में कहा गया है कि नेट की समस्या को दूर किया जाए वरना अदालत की अवमानना की कार्यवाही की जाएगी। आदेश की एक प्रति कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल और अदालत के रजिस्ट्रार-जनरल को भेजी जाए।
--
हम एसी में और वादी बाहर धूप में
जस्टिस ने कहा कि यह अदालत तब तक बैठने में असमर्थ है जब तक कि कनेक्टिविटी की समस्या पूरी तरह से हल नहीं हो जाती। मैंने वादियों को न्याय दिलाने की शपथ ली है, जो अदालत के बाहर खड़े हैं। न्यायाधीशों के लिए एसी कमरे हैं। वादी बाहर धूप और धूल में मेहनत कर रहे हैं।
--
सुविधा देने में विफल
न्यायाधीश भट्टाचार्य ने अपने आदेश में कहा कि वर्चुअल सुनवाई सुविधाओं के बारे में लम्बी-चौड़ी बातों के बावजूद यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि यह अदालत उचित रूप से न्याय सुनिश्चित करने के लिए न्यूनतम वर्चुअल सेवाएं और कनेक्टिविटी प्रदान करने में असमर्थ है।
--
नहीं दे पा रहे न्याय
न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने कहा कि वे स्वयं को व्यक्तिगत रूप से दोषी महसूस करते हैं क्योंकि अदालतों के कामकाज में व्यवधान और हस्तक्षेप, चाहे वह किसी भी रूप में हो, आपराधिक अवमानना हो सकता है। उन्होंने कहा कि नेट की समस्या एक नियमित विशेषता बन गई है और मुझे शर्म आती है कि हमारे सम्मानित चार्टर्ड हाई कोर्ट, जिसका एक शानदार इतिहास है, को इस तरह से महत्वहीन किया जा रहा है कि हम केवल कनेक्टिविटी मुद्दों के कारण वादियों को न्याय नहीं दे सकते हैं।
--
पूरी दलील सुन नहीं पाते
वकीलों और वादियों दोनों का कहना है कि कनेक्टिविटी के मुद्दे और ऑडियो और वीडियो तथा विजुअल सिस्टम में इलेक्ट्रॉनिक समस्या बन गई है।अधिवक्ताओं ने कहा कि महामारी के कारण मामलों की ऑनलाइन सुनवाई शुरू होने के बाद से कनेक्टिविटी एक बड़ा सिरदर्द रहा है । वरिष्ठ अधिवक्ता विकास भट्टाचार्य ने कहा कि समस्या इतनी विकट है कि न्यायाधीश अक्सर पूरी दलील सुन ही नहीं पाते हैं।
Kolkata: मैं ऐसे सर्कस का हिस्सा नहीं बन सकता: जज
Kolkata: मैं ऐसे सर्कस का हिस्सा नहीं बन सकता: जज

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

कम उम्र में ही दौलत शोहरत हासिल कर लेते हैं इन 4 राशियों के लोग, होते हैं मेहनतीबाघिन के हमले से वाइल्ड बोर ढेर, देखते रहे गए पर्यटक, देखें टाइगर के शिकार का लाइव वीडियोइन 4 राशि की लड़कियों का हर जगह रहता है दबदबा, हर किसी पर पड़ती हैं भारीआनंद महिंद्रा ने पूरा किया वादा, जुगाड़ जीप बनाने वाले शख्स को बदले में दी नई Mahindra BoleroFace Moles Astrology: चेहरे की इन जगहों पर तिल होना धनवान होने की मानी जाती है निशानीइन नाम वाली लड़कियां चमका सकती हैं ससुराल वालों की किस्मत, होती हैं भाग्यशालीकरोड़पति बनना है तो यहां करे रोजाना 10 रुपये का निवेशदेश में धूम मचाने आ रही हैं Maruti की ये शानदार CNG कारें, हैचबैक से लेकर SUV जैसी गाड़ियां शामिल

बड़ी खबरें

Republic Day 2022 LIVE updates: राजपथ पर दिखी संस्कृति और नारी शक्ति की झलक, 7 राफेल, 17 जगुआर और मिग-29 ने दिखाया जलवारेलवे का बड़ा फैसला: NTPC और लेवल-1 परीक्षा पर रोक, रिजल्‍ट पर पुर्नविचार के लिए कमेटी गठितRepublic Day 2022: गणतंत्र दिवस पर दिल्ली की किलेबंदी, जमीन से आसमान तक करीब 50 हजार सुरक्षाबल मुस्तैदRepublic Day 2022: पीएम मोदी किस राज्य का टोपी और गमछा पहनकर पहुंचे गणतंत्र दिवस समारोह में, जानें क्या है खास वजहरायबरेली में जहरीली शराब पीने से 6 की मौत, कई गंभीर, जांच के आदेशRPN Singh के पार्टी छोड़ने पर बोले CM गहलोत, आने वालों का स्वागत तो जाने वालों का भी स्वागतNH का पुल उड़ाने लगाया टाइम बम, CM योगी को भी धमकायारेलवे ट्रेक पर प्रदर्शन किया तो कभी नहीं मिलेगी नौकरी, पढ़े पूरी खबर
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.