8 जनवरी को वाम दलों के आहूत देशव्यापी बंद बंगाल में कितना असर!

  • नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act), नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन (National Register of Citizens) और नेशनल पोपुलेशन रजिस्टर (National Population Register) के खिलाफ वामपंथी पार्टियों की ओर से 8 जनवरी को आहूत बंद का पश्चिम बंगाल में असर...

By: Ashutosh Kumar Singh

Published: 06 Jan 2020, 11:17 PM IST

कोलकाता

नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act), नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन (National Register of Citizens) और नेशनल पोपुलेशन रजिस्टर (National Population Register) के खिलाफ वामपंथी पार्टियों की ओर से 8 जनवरी को आहूत बंद का पश्चिम बंगाल में असर कम होने की संभावना है। कारण, सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस बंद का समर्थन नहीं करेगी। तृणणूल कांग्रेस की प्रमुख व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन का समर्थन करती हैं, लेकिन इस सिलसिले में बुलाए गए किसी भी बंद का समर्थन नहीं करती। बंद से आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इससे राजस्व को भी क्षति पहुंचती है। ममता ने यह बात दक्षिण 24 परगना जिले के काकद्वीप में प्रशासनिक बैठक के दौरान कही।
वामपंथी दलों ने सीएए के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर रही सारी पार्टियों को ८ जनवरी को बुलाए गए बंद का समर्थन करने के लिए कहा है। ममता ने कहा कि उन्होंने प्रशासन को 8 जनवरी की स्थिति सामान्य रखने के लिए समुचित कदम उठाने का निर्देश दिया है। उन्होंने सोमवार को काकद्वीप में दक्षिण जिले के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर गंगासागर मेला की तैयारियां, सुरक्षा व्यवस्था एवं तीर्थयात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने उपायों के बारे में जानकारी ली। इसके अलावा जिले के विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की भी जानकारी ली।

ममता ने प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को सतर्क रहने और मकरसंक्रांति से पहले पूरे गंगासागर मेला मैदान में सीसीटीवी लगाने का निर्देश दिया।
प्रशासनिक बैठक को संबोधित करते हुए ममता ने किसी भी पार्टी का नाम लिए बिना कहा कि कुछ तत्व सप्ताह भर के मेला के दौरान परेशानी पैदा करने की कोशिश कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार ने गंगासागर मेले में जाने वाले सभी व्यक्तियों के लिए प्रति व्यक्ति 5 लाख रुपए की बीमा पॉलिसी की व्यवस्था की है, जो 11 जनवरी से शुरू होगी। उन्होंने मेला क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति के बारे में जानकारी ली।

एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि इस साल फेरी मूवमेंट की आवृत्ति बढ़ेगी, अब दो फेरी चैनलों के लिए ड्रेजिंग का काम पूरा हो गया है। राज्य सरकार ने ड्रेजिंग परियोजना के लिए 120 करोड़ रुपए आवंटित किए थे। गंगा डेल्टा में कम ज्वार के कारण अक्सर जहाजों को चलाना मुश्किल हो जाता है, जिससे तीर्थयात्रियों को लंबे समय तक घाटों पर इंतजार करना पड़ रहा है। फेरी सेवा अब कम ज्वार से प्रभावित हुए बिना चौबीस घंटे काम करेंगे।

CAA
Ashutosh Kumar Singh
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