आमदनी थमी, खर्च में कटौती करेगी यह सरकार

कोरोना के कहर से पश्चिम बंगाल में जनजीवन थम सा गया है। 21 दिनों के लॉकडाउन के चलते शिक्षण संस्थानों से लेकर कारखानों, सरकारी व गैर सरकारी कार्यालय सभी बंद हैं। राजस्व के रूप में राज्य सरकार को मिलने वाला धन शून्य हो गया है। फलस्वरूप राज्य सरकार का खजाना लगभग खाली है। परिस्थितियों का सामना करने कथा मुश्किल के दौर से उबरने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में फिलहाल किसी तरह की नियुक्तियां नहीं करने के साथ-साथ सरकारी खर्चों पर संतुलन बनाए रखने के लिए 5 सूत्री नियमावली निर्धारित की है।

By: Rabindra Rai

Published: 04 Apr 2020, 05:33 PM IST

कोलकाता. कोरोना के कहर से पश्चिम बंगाल में जनजीवन थम सा गया है। 21 दिनों के लॉकडाउन के चलते शिक्षण संस्थानों से लेकर कारखानों, सरकारी व गैर सरकारी कार्यालय सभी बंद हैं। राजस्व के रूप में राज्य सरकार को मिलने वाला धन शून्य हो गया है। फलस्वरूप राज्य सरकार का खजाना लगभग खाली है। परिस्थितियों का सामना करने कथा मुश्किल के दौर से उबरने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में फिलहाल किसी तरह की नियुक्तियां नहीं करने के साथ-साथ सरकारी खर्चों पर संतुलन बनाए रखने के लिए 5 सूत्री नियमावली निर्धारित की है। वित्त विभाग के प्रधान सचिव हरि कृष्ण द्विवेदी ने राज्य के समस्त विभागों के प्रधान सचिवों को सरकार के इस निर्णय से अवगत कराया है। सचिवालय के सूत्रों ने बताया कि वित्त विभाग की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि वर्तमान परिस्थितियों पर विचार करते हुए राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है कि फिलहाल किसी भी विभाग में किसी स्तर पर कोई नियुक्तियां नहीं होगी। यही नहीं सरकार की ओर से कोई नई योजना चालू नहीं किया जा सकता। वैश्विक महामारी का संकट टलने के बाद ही काम होगा। वर्तमान समय में सरकार कंप्यूटर, फर्नीचर, और वाहन आदि नहीं खरीदेगी। राज्य सरकार के पास जो वाहन हैं, इन्हीं से काम चलाने को कहा गया है। सरकारी खजाने की वर्तमान हालात को देखते हुए राज्य सरकार ने कर्मचारियों के लिए भी कुछ निर्देश जारी किए हैं। जिसमें जीपीएफ से रुपए निकालने पर अंकुश लगाया गया है। वित्त विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि केवलमात्र शिक्षा, स्वास्थ्य और विवाह अनुष्ठान के लिए ही कर्मचारी रुपए निकाल सकेंगे। राज्य सरकार ने कर्मचारियों को यह भरोसा दिलाया कि आर्थिक संकट के बावजूद उनके वेतन भुगतान पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। कन्याश्री, युवाश्री, खाद्य साथी सहित अन्य सामाजिक योजनाओं के मद में खर्चों पर अंकुश नहीं लगेगा।
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विभागों की आर्थिक क्षमता घटाई
वित्त विभाग ने राज्य सरकार के समस्त विभाग खासकर लोक निर्माण, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी जैसे कुछ अन्य विभागों की आर्थिक क्षमता 10 करोड़ से घटाकर एक करोड़ कर दी है। अब तक यह विभाग वित्त विभाग की अनुमति के बिना 10 करोड़ तक का खर्च करने को स्वतंत्र थे। दूसरे विभागों की क्षमता एक करोड़ से घटाकर 10 लाख की गई है।
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अग्रिम हाउस लोन पर रोक
आईएएस, आईपीएस और आईएफएस जैसे अधिकारियों को मकान बनवाने के लिए अग्रिम हाउस लोन भी फिलहाल नहीं दिया जाएगा। वित्त विभाग के सूत्रों ने बताया की कोविड-19 के मुकाबले के लिए स्वास्थ्य व परिवार कल्याण विभाग के खर्चों में किसी तरह की कटौती नहीं की जाएगी। सरकार का यह निर्देश 30 जून तक प्रभावी रहेगा।

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