अवैध लॉकरों पर आयकर विभाग का छापा

-नगदी व आभूषण समेत 22.53 करोड़ का कालाधन जब्त

-श्री वरदान मार्केट के लॉकरों से मिले 5.16 करोड़ रुपए नकद व 12.13 करोड़ के गहने
-1984 से श्री वरदान मार्केट में चल रहे थे 649 अवैध लॉकर

By: Renu Singh

Updated: 29 Mar 2019, 03:36 PM IST

लोकसभा चुनाव के पहले आयकर विभाग ने पश्चिम बंगाल में कालाधन रोधी अभियान के तहत अवैध लॉकरों की तलाशी कर कुल 22.53 करोड़ का कालाधन जब्त किया। इसमें 10.4 करोड़ की नकदी और 12.13 करोड़ रुपए के गहने शामिल हैं। आयकर विभाग की पश्चिम बंगाल टीम ने कोलकाता सहित राज्यभर में खुफिया सूत्रों के आधार पर गुरुवार को यह छापेमारी की। कोलकाता के आलावा सिलीगुड़ी व बालूरघाट में यह छापेमारी की गई।

छापेमारी के इस अभियान में सबसे बड़ा खुलासा महानगर के श्री वरदान मार्केट से हुआ। श्री वरदान मार्केट के बेसमेंट में से अवैध रूप से 649अवैध लॉकर चलाए जा रहे थे। यहां छापेमारी कर आयकर विभाग ने 5.16 करोड़ रुपए नकद व 12.13 करोड़ के गहने जब्त किए। विभाग ने सिर्फ कोलकाता से कुल 7.33 करोड़ रुपए नकद जब्त किए गए हैं। इसके साथ ही लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के बाद राज्यभर से कुल 10.4 करोड़ की नकदी जब्त की गई है। आयकर विभाग के सूत्रों से यह सूचना मिली है कि वरदान मार्केट के बेसमेंट 649 लॉकर हैं। श्री वरदान सेफ डिपोजिट वॉल्ट््स के नाम से यह कम्पनी बनी थी। आयकर की टीम ने यहां छापेमारी की। इसके साथ ही जिनके नाम से यह लॉकर हैं, उन्हें बुलाकर पूछताछ की। जिनके पास वैध कागजात हैं, उन्हें छोड़ दिया गया। जिनके पास से वैध दस्तावेज नहीं मिले हैं, उनकी नकदी व गहने जब्त कर लिए दए हैं। गुरुवार को पश्चिम बंगाल आयकर विभाग के मुख्य निदेशक (जांच) आशीष वर्मा ने आयकर भवन में इस छापेमारी का खुलासा किया। वर्मा ने बताया कि जिन लोगों के नाम से लॉकर हैं, उनमें अधिकांश व्यवसायी हैं। व्यवसायियों से पूछताछ करने पर पता चला है कि अगल-अलग उदेश्य से वे रुपए रखे थे। नियमों के तहत छापेमारी की गई है। हालांकि किसी बड़े नाम का खुलासा नहीं हुआ है।
वर्मा ने बताया कि वरदान मार्के ट में सन 1984 से अवैध रूप से यह लॉकर चल रहे हैं। ऊपर पूरा मार्केट है व नीचे बेसमेंट में श्री वरदान सेफ डिपोजिट वॉल्ट््स के नाम से यह कम्पनी चलाई जा रही थी। इसी के तहत व्यवसायियों ने लॉकर खरीद कर रखा था। इसमें फिनांस ब्रोकर, छोटे व मझोले व्यवसायी भी शामिल हैं। फिलहाल इस मामले परकोई बड़ा नाम सामने नहीं आया है। मालूम हो कि मार्केट में जो भी दुकानें है, उसमें से कई लोगों के नाम से भी लॉकर हैं। फिलहाल कितने लोगों ने अपने लॉकरों में रुपए रखे हैं, वे फिलहला अपना वैध दस्तावेज नहीं दिखा पाए हंै।

 

200 लॉकरों का कोई मालिक नहीं

आयकर के नोडल ऑफिसर देवाशीष मजूमदार ने बताया कि बेसमेंट में 200 ऐसे लॉकर पाए गए हैं जिनका कोई मालिक नहीं है। छापेमारी के बाद भी इन लॉकरों पर किसी ने दावा नहीं किया है। विभाग की ओर पूरे राज्य में सूचना के आधार पर छापेमारी की जा रही है। मालूम हो कि वर्ष -2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान छापेमारी में 7.97 करोड़ रुपए जब्त हुए थे। चुनाव की घोषणा के बाद वर्ष 2019 में अब तक राज्यभर से 10 करोड़ से ज्यादा नकदी बरामद कर दी गई है।

 

Renu Singh Reporting
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