जागृति हावड़ा शिविर बना सेवा का ट्रांजिट प्वाइंट

जागृति हावड़ा शिविर बना सेवा का ट्रांजिट प्वाइंट

जागृति हावड़ा शिविर बना सेवा का ट्रांजिट प्वाइंट

- सेवा भाव से तीर्थयात्री गदगद
हावड़ा

हावड़ा स्टेशन के समीप मछली बाजार जागृति हावड़ा सेवा शिविर में तीन दिन के भीतर करीब साढ़े सात हजार से अधिक तीर्थयात्रियों ने विश्राम किया। उसके बाद सरकारी बस से गंगासागर के लिए रवाना हुए। मकर संक्रांति के पुण्य स्नान के लिए 11 जनवरी से जागृति हावड़ा का शिविर चल रहा है। गंगासागर के तीर्थयात्रियों को निशुल्क चाय, खाना और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की गई। 1976 से जागृति हावड़ा की ओर से शिविर की शुरुआत अर्जुन साव ने की थी। शिविर से रोजाना सरकारी बसें यात्रियों के लिए उपलब्ध हैं। जिसका किराया 65 रुपए प्रति व्यक्ति है। एसी बसों का किराया 200 रुपए है। तीन दिन में एसी बसों को मिलाकर कुल दो सौ बसें रवाना हुईं। सुभाष अग्रवाल ने बताया कि इस कैम्प में उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, गुजरात, दिल्ली, झारखंड, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र सहित कई प्रदेश के लोग इस साल आए। गंगासागर तीर्थयात्रियों के लिए जागृति हावड़ा सेवा का ट्रांजिट प्वाइंट बन गया है। देश के कोने-कोने से तीर्थयात्री पहुंचे रहे हैं। सेवा भाव से पवन अग्रवाल, दिनेश खंडेलवाल, तरुण साव, महेन्द्र साव, रवीन्द्र सिंह, शिवजी राय, गणेश साव, पारस, श्याम महतो, नद्रेश्वर सिंह, वीरेन्द्र प्रसाद शुक्ला, भोला सोनकर उपस्थित रहे। हावड़ा स्टेशन के समीप एक मात्र सेवा शिविर है जहां श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था है। हावड़ा ब्रिज ट्रैफिक गार्ड के जवान भी तत्पर दिखे। बुधवार सुबह तक बसें छूटेंगी।

Nirmal Mishra Reporting
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