बिहार के लिट्टी-चोखा का मुरीद हुआ बंगाल

बिहार के लिट्टी-चोखा का मुरीद हुआ बंगाल

Shishir Sharan Rahi | Publish: Sep, 08 2018 10:46:38 PM (IST) Kolkata, West Bengal, India

बंगालवासियों के मीनू में शुमार--सस्ता-पौष्टिक होने के कारण बना पसंदीदा भोजन

कोलकाता. (शिशिर शरण राही). बिहार की परंपरागत डिश लिट्टी-चोखा ने अब कोलकाता सहित पश्चिम बंगाल के विभिन्न स्थानों के लोगों की पसंदीदा भोजन की लिस्ट में अपनी उपस्थिति दर्ज करा ली है। महानगर के अनेक स्थानों में अब बंगालवासियों के मीनू में लिट्टी-चोखा शुमार हो गया है। आज बढ़ते महंगाई के युग में सस्ता (5 रु.) और पौष्टिक होने के कारण लिट्टी-चोखा श्रमिक वर्ग के साथ-साथ मध्यम परिवार के जुबान पर भी छाया हुआ है। कोलकाता में मिनी राजस्थान के नाम से मशहूर बड़ाबाजार, हावड़ा, सेंट्रल एवेन्यू, एसएन बनर्जी रोड और गणेश चंद्र एवेन्यू सहित कई स्थानों पर शाम होते ही लिट्टी-चोखा के शौकीनों की भीड़ उमड़ पड़ती है। पिछले ५३ साल से कोलकाता में निवासरत लिट्टी-चोखा बेचकर खुद और परिवार की परवरिश कर रहे मुजफ्फरपुर निवासी सीपी झा ने पत्रिका से विशेष भेंट में बताया कि 5 साल से वे लिट्टी बेच रहे हैं। रवीन्द्र सरणी मोड़ पर शाम होते ही उनकी दुकान पर लिट्टी-चोखा के दीवाने जुटने लगते हैं। उन्होंने कहा कि मारवाड़ी लिट्टी को बाटी कहकर संबोधित करते हैं। पहले केवल बिहार, उप्र और राजस्थान वासी ही इनके पास आते थे, लेकिन इधर लिट्टी से सेहत को होने वाले लाभ की जानकारी मिलने के बाद अब बंगालवासी भी बड़ी संख्या में इनके ग्राहक बन गए हैं। रोजाना सुबह 7 से रात १० बजे तक उनकी पास लिट्टी-चोखा का स्वाद लेने वालों का तांता लगा रहता है। आम तौर पर वे 2 किस्म की लिट्टी (घी और बिना घी वाली) बनाते हैं। झा ने कहा कि शादियों और विभिन्न समारोहों में लिट्टी की बिक्री के लिए उनके पास ऑर्डर भी आते हैं। कोलकाता से अन्य प्रदेशों के लिए रवाना होने वाले मुसाफिर लिट्टी-चोखा पैक कराकर यहां से साथ ले जाते हैं।

----वाजपेयी भी थे लिट्टी-चोखा के मुरीद
यहां यह उल्लेखनीय है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी लिट्टी-चोखा के मुरीद थे। बिहार के बक्सर के एक पत्रकार ने एक लेख में इसका खुलासा करते हुए कहा था कि बक्सर आने पर वाजपेयी की मेनू में लिट्टी-चोखा जरूर शामिल होता था।

---सेहत के लिए है लाभकारी
सत्तू और बैंगन से बने लिट्टी-चोखा के कई फायदे भी हैं। चूंकि ये सत्तू और बैंगन से बनाया जाता है, इसलिए इसे पौष्टिक और सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। चूंकि इसमें शुगर लेवल नहीं होता इसलिए डॉक्टर डायबिटीज मरीजों को इसे खाने की सलाह देते हैं। लिट्टी के साथ बैंगन का चोखा कोलेस्ट्रॉल को कम करता है, इसलिए डॉक्टरों के अनुसार डायबिटीज मरीजों के अलावा ब्लड प्रेशर-हार्ट के लिए भी इसे बेहतर भोजन माना जाता है। लिट्टी में भुने हुए चने का सत्तू होता है, जो इन्सुलिन से संबंधित समस्याओं को दूर करता है। क्योंकि लिट्टी बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले सत्तू में गेंहूं, चने और जौ का आटा होता है, इसलिए मिक्स ग्रेन से होने वाले सभी फायदे इसे खाने से मिलते हैं। इसे खाने से शरीर में एनर्जी बनी रहती है और ऐसा कहा जाता है कि गर्मी में इसे खाने से लू नहीं लगती। इसमें फाइबर काफी अधिक होता है, जिससे पाचन-तंत्र सही बना रहता है।

 

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