CORONA ALERT: महानगर समेत आसपास के इलाकों में लॉकडाउन बन गया मजाक

WEST BENGAL CORONA ALERT: Lockdown became a joke in the surrounding areas including the metro, महानगर समेत आसपास के इलाकों में लॉकडाउन बन गया मजाक,कहीं भी सोशल डिस्टेंस नहीं , गंभीर नहीं हैं लोग

By: Shishir Sharan Rahi

Updated: 04 Apr 2020, 05:21 PM IST

कोलकाता. चीन के वुआन से शुरू होकर पूरी दुनिया में महामारी घोषित कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण रोकने के लिए घोषित लॉकडाउन अब कोलकाता से लेकर आसपास के उपनगरीय इलाकों में महज मजाक बनकर रह गया है। इसके लागू होने के शुरू होने पर कुछ सतर्कता और पाबंदियां थी, जो धीरे-धीरे कम होती गई। हालात यह है कि महानगर के कुछ इलाकों में खासकर सुबह और शाम को किसी भी दृष्टि से यह नहीं लगता कि यहां लॉकडाउन लागू है। सोशल डिस्टेन्सिंग तो दूर की बात। एक्शन के नाम पर पुलिस महानगर में केवल माइक पर सोशल डिस्टेन्सिंग का पालन करने की घोषणा करती नजर आती है। इसी क्रम में शुक्रवार सुबह सूर्यसेन स्ट्रीट से लेकर बड़ाबाजार के कुछ स्थानों में सोशल डिस्टेन्सिंग की धज्जियां उड़ती दिखी। न केवल कोलकाता बल्कि बेलुड़ बाजार, घुसुड़ी, सलकिया के अरविन्दो मार्केट सब्जी बाजार, लिलुआ, हिन्दमोटर, रिसड़ा, शेवड़ाफूली की सब्जी मंडी, श्रीरामपुर, इलाकों में भी सोशल डिस्टेन्सिंग का कोई पालन नहीं हो रहा। मेडिकल स्टोर वालों ने सोशल सोशल डिस्टेन्सिंग के नाम पर जरूर दुकानों के बाहर रस्सी बांध दी है। इनको छोडक़र बाकी कहीं इस प्रकार की व्यवस्था नहीं। कुछ लोग किसानों से सीधे सब्जी खरीदकर छोटे वाहनों में सब्जी लाकर कम दाम पर बेच रहे हैं और इनके यहां भीड़ अधिक होती है। यह नजारा रोजाना सुबह और शाम को है।

CORONA ALERT: महानगर समेत आसपास के इलाकों में लॉकडाउन बन गया मजाक

कुछ कम तो कुछ ज्यादा कर रहे

लिलुआ और आसपास के निवासी कुछ कम तो कुछ ज्यादा कर रहे पालन
लिलुआ. वैश्विक महामारी कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिए जारी एडवाइजरी का पालन लिलुआ और आसपास के निवासी कुछ कम तो कुछ ज्यादा कर रहे हैं। कुछ दुकानदारों ने सामान्य दिनों के दामों पर ही वस्तुओं की बिक्री जारी रखी है तो कुछ ने अब भी मौके का फायदा उठाने के तहत दुकानदारी चालू रखी है। आम लोगों मे यह धारणा बैठी है कि कोरोना से बचाव के लिए फ्रिज और एसी का उपभोग नहीं करना है। इसके कारण तेज गर्मी में शुक्रवार सुबह लिलुआ के बाजारों मे लोग हांडी खोजते नजर आए पर बाजारों से हांडी नदारद थी। जिन दुकानदारों के पास थी वे २५० रुपए में बेच रहे थे। बाजार में खरीदारी करने आए मुकेश चौहान ने कहा कि सरकार की नजर सिर्फ आलू-प्याज के दामों पर हैं बाकी सब वस्तुएं दुकानदार अपनी मर्जी के दामों पर बेच रहे हैं। २५० रुपए में हांडी खरीदने वाले नरेन्द्र सिंह ने कहा कि आज मजबूरी है वरना यही हांडी
कभी ५० में मिला करती है। आटा खरीदने निकले जगदीश हर्ष ने कहा कि १० दिनों के बाद वे घर से निकले हैं। बाजारों में भीड़ देखकर नहीं लग रहा कि लोग लॉकडाउन के नियमों का पालन कर रहे हैं। कहीं भी सोशल डिस्टेंस नजर नहीं आ रही।

Shishir Sharan Rahi Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned