Lockdown: वेल्लोर से खड़गपुर तक एम्बुलेंस के एक लाख रूपए

- कैंसर पीडि़त युवक के परिवार की आपबीती
-लॉकडाउन के कारण 40 दिन बाद नहीं हो पाया इलाज

By: Rajendra Vyas

Published: 18 Apr 2020, 11:23 PM IST

खडग़पुर. लॉकडाउन के कारण कैंसर पीडि़त बेटे का इलाज ना होने और रहने खाने की समस्या से मजबूर पिता ने एक लाख रुपए से किराए की एंबुलेंस ली और वेल्लोर से खडग़पुर लौटे।
यह आपबीती शहर के नीमपुरा इलाके में रेल क्वार्टर निवासी राजेश बाबू की है। जो 6 मार्च को अपने 23 वर्षीय बीमार बेटे राहुल को लेकर तमिलनाडु के वेल्लूर सीएमसी अस्पताल में इलाज कराने गए थे। 20 मार्च को वहां पता चला कि राहुल के गले में फस्र्ट स्टेज का कैंसर है। उसका इलाज शुरू ही हुआ था कि लॉकडाउन शुरू हो गया। फिर डाक्टरों ने कमजोर इम्युनिटी का हवाला देकर इलाज करने से मना कर दिया। किसी तरह 40 दिन वेल्लूर में रहने के बाद मजबूर होकर युवक के पिता ने एम्बुलेंस बुक करायी और अपने बीमार बेटे को लेकर खड़कपुर वापस पहुंचे। किराए के तौर पर एक लाख रुपये देना पड़ा। युवक के पिता ने बताया कि अब वे यहां डाूक्टरों से सलाह लेने के बाद आगे की कार्रवाई करेंगे।

जंगल से शव बरामद

खडग़पुर . नारायणगढ थाना अन्तर्गत मेटला जंगल से पुलिस ने एक अज्ञात परिचय वृद्ध का फंदे से लटकता हुआ शव बरामद किया। लकड़ी काटने गए लोगों की सूचना पर यह कार्रवाई हुई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज उसकी शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं।

Rajendra Vyas Editorial Incharge
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