BJP, Martial arts: आत्मरक्षा के लिए महिलाओं को मार्शल आर्ट्स सीखाएगी महिला मोर्चा

पश्चिम बंगाल में महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा को देखते हुए भाजपा की महिला संगठन प्रदेश महिला मोर्चा ने महिलाओं को आत्मरक्षा के लिए मार्शल आर्ट्स सीखाने का फैसला किया है। इसके लिए प्रदेश महिला मोर्चा की अध्यक्ष अग्निमित्रा पॉल ने मंगलवार को महिलाओं के लिए आत्मरक्षा ‘उमा’ प्रशिक्षण योजना शुरू करने की घोषणा की।

By: Manoj Singh

Published: 15 Sep 2020, 07:56 PM IST

गांधी जयंति के दिन से राज्य भर में शुरू होगा प्रशिक्षण देने का काम
कोलकाता :
पश्चिम बंगाल में महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा को देखते हुए भाजपा की महिला संगठन प्रदेश महिला मोर्चा ने महिलाओं को आत्मरक्षा के लिए मार्शल आर्ट्स सीखाने का फैसला किया है। इसके लिए प्रदेश महिला मोर्चा की अध्यक्ष अग्निमित्रा पॉल ने मंगलवार को महिलाओं के लिए आत्मरक्षा ‘उमा’ प्रशिक्षण योजना शुरू करने की घोषणा की।
इस दिन प्रदेश भाजपा मुख्लायल में संवाददाता सम्मेलन में अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि पश्चिम बंगाल में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं. आए दिन महिलाओं पर अत्याचार हने की घटनाएं प्रकाश में आर रही हैं। हाल में दक्षिण 24 परगना जिला में एक महिला को गोली मार दी गयी। कहीं मिहलाओं पर अत्याचार किया जा रहा है तो कहीं महिलाओं का बलात्कार करके उसकी हत्या कर दी जा रही है। यह तब हो रहा है जब राज्य की मुख्यमंत्री एक महिला हैं। महिला मुख्यमंत्री होते हुए भी ममता बनर्जी महिलाओं पर अत्याचार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि बंगाल में नौ साल से ममता बनर्जी की सरकार है, लेकिन उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा के लिए कुछ नहीं किया। अब महिलाएं अपनी सुरक्षा के लिए किसी पर आश्रित नहीं रहना चाहती हैं। इसलिए महिला मोर्चा ने महिलाओं को आत्मरक्षा करने के लिए मार्शल आर्ट्स की प्रशिक्षण देने का फैसला किया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 17 सितंबर को जन्म दिन है। इस अवसर पर पूरे राज्य में 14 से 20 सितंबर 2020 तक सेवा सप्ताह मनाया जा रहा है। इस दौरान महिलाओं की आत्मरक्षा कार्यक्रम उमा की लांचिंग हुई। दो अक्टूबर को महात्मा गांधी की जयंती से महिलाओं को मार्सल आर्ट्स का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू होगाय़। दो मार्शल आर्ट्स के प्रशिक्षक महिलाओं को आत्मरक्षा का गुर सिखायेंगे। इसकी शुरूआत दक्षिण कोलकाता में कार्यशाला का आयोजित कर इस कार्यक्रम की शुरुआत की जाएगी और राज्य के प्रत्येक जिले में करीब 50-50 महिलाओं को प्रशिक्षित किया जायेगा।
उन्होंने कहा कि एक दिन में पूरा प्रशिक्षण देना संभव नहीं है, लेकिन प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को बताया जाएगा कि उन्हें किस तरह से अन्याय से बचा जाता है। इनमें महिलाएं अपनी सुरक्षा के लिए अपने साथ सब समय पिन, मिर्च पाउडर या चाकू रख सकती है।

Patrika
Manoj Singh Reporting
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